सागर जिले के रहली विकासखंड के ग्राम छिरारी में संचालित गौशाला में गुरुवार को प्रशासन की टीम ने औचक निरीक्षण किया। यहां भारी अनियमितताएं सामने आईं। 100 गायों की क्षमता वाली गौशाला के गेट पर ताला लगा था और जिम्मेदार नदारद थे। एसडीएम और सीईओ को करीब आधा घंटा बाहर इंतजार करना पड़ा। अंदर एक गाय प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी, जिसका मौके पर ही पशु चिकित्सक बुलाकर प्रसव कराया गया। प्रशासन ने गौशाला संचालक समूह को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, एसडीएम कुलदीप पाराशर, जनपद सीईओ आरजी अहिरवार और जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेश कपास्या टीम के साथ गुरुवार को गोपालजी स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित गौशाला पहुंचे। वहां गेट पर ताला लगा मिला। संचालक और चौकीदार दोनों गायब थे। अधिकारियों को करीब आधे घंटे तक बाहर खड़े रहना पड़ा। बाद में समूह की अध्यक्ष ने आकर गेट खोला। तड़पती मिली गाय, डॉक्टर बुलाकर कराई डिलीवरी निरीक्षण के दौरान अंदर भारी अव्यवस्थाएं मिलीं। गौशाला की क्षमता 100 गायों की है, लेकिन वहां कम गायें ही मौजूद थीं और उनकी हालत भी नाजुक थी। एक गाय प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। इसे देख एसडीएम नाराज हुए और तत्काल पशु चिकित्सक को बुलवाया गया, जिन्होंने गाय का सुरक्षित प्रसव कराया। वहां रखी मशीनें भी बंद हालत में मिलीं। रिकॉर्ड जब्त, समूह को हटाने की तैयारी जनपद सीईओ आरजी अहिरवार ने बताया कि निरीक्षण में गाय कम मिलीं और व्यवस्थाएं खराब पाई गईं। मामले की जांच कर समूह को हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। वहीं, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेश कपास्या ने कहा कि लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद रिकॉर्ड जब्त कर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


