छिंदवाड़ा जिले में लोहड़ी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक शाम होते ही मोहल्लों, कॉलोनियों और सोसायटियों में लोहड़ी के अलाव जलाए गए। लोगों ने अलाव की परिक्रमा करते हुए पारंपरिक गीत ‘सुंदर-मुंदरिये’ गाए और एक-दूसरे को पर्व की बधाइयां दीं। इस दौरान किसानों और परिवारों ने आने वाली अच्छी फसल और सुख-समृद्धि की कामना की। युवाओं ने किया भांगड़ा, रेवड़ी-मूंगफली का उठाया लुत्फ आयोजन स्थलों पर युवाओं ने ढोल की थाप पर भांगड़ा और गिद्दा नृत्य प्रस्तुत कर माहौल में रंग जमा दिया। बच्चों में भी खासा उत्साह नजर आया, उन्होंने ‘लोहड़ी दी वधाइयां’ कहते हुए बड़ों का आशीर्वाद लिया। अलाव के पास लोगों ने पॉपकॉर्न, मूंगफली, रेवड़ी, गज्जक और तिल से बने व्यंजनों का आनंद लिया। देर रात तक चला जश्न लोहड़ी को फसलों की समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। महिलाओं ने परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना कर अलाव की परिक्रमा की। देर रात तक शहर के विभिन्न इलाकों में जश्न का दौर चलता रहा। लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर बधाइयां दीं और सामूहिक रूप से पर्व मनाकर सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।


