प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दो अधिकारियों पर मारपीट के आरोपों की जांच करने रांची पुलिस की टीम गुरुवार सुबह ईडी ऑफिस पहुंची। सदर और सिटी डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ईडी के सहायक निदेशक प्रतीक और सहायक शुभम से पूछताछ की। ई-साक्ष्य एकत्र किए। जांच एजेंसी के दोनों अधिकारियों के खिलाफ पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, हटिया योजना (डोरंडा) के क्लर्क संतोष कुमार ने 12 जनवरी को एयरपोर्ट थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इधर, इस मामले को लेकर ईडी ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। इस याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। ईडी के अधिकारियों ने सिर पर डंडे से वार किया: संतोष कुमार एफआईआर में संतोष कुमार ने कहा है कि पूछताछ के दौरान ईडी के अधिकारियों ने उनके सिर पर डंडे से वार किया। गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इससे उसका सिर फट गया। उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां सिर पर छह टांके लगे। अधिकारियों ने डॉक्टर को सच्चाई न बताने का दबाव डाला। धमकाया कि ऐसा किया तो पूरे परिवार को जेल भेज दिया जाएगा। इसके बाद उसे फिर ईडी कार्यालय ले जाया गया था। ईडी अफसर बोले-बिना समन आया था संतोष, खुद सिर पर मार लिया जग
ईडी के अधिकारियों ने कहा-संतोष को समन नहीं दिया था। वह खुद आया था और आईओ के पास गया। आईओ ने उससे कुछ फॉर्म भरवाए। फिर पूछताछ शुरू की। जेल में उसने कुछ लोगों का नाम बताया था। उसके बारे में पूछा तो कोई जानकारी नहीं दी। आईओ ने कहा कि तुम नहीं बताओगे तो तुम्हारे घर वाले जवाब देंगे। इस पर वह भड़क गया। टेबल पर रखे शीशे के जग को अपने सिर पर मार लिया। अधिकारी उसे सदर अस्पताल ले गए। वहां एक टांका लगा। उसने लिखकर दिया है कि खुद सिर पर जग मारा है। रांची पुलिस को पूछताछ में हमने पूरा सहयोग किया। फोटोग्राफी करने दी। टूटे शीशे को साथ ले गई। इधर रांची एसएसपी ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इससे पहले पुलिस की टीम जैसे ही ईडी ऑफिस पहुंची, वहां केंद्रीय बल के अतिरिक्त जवानों को बुला लिया गया, ताकि विधि-व्यवस्था न बिगड़े। रांची पुलिस और केंद्रीय पुलिस बल के जवान ऑफिस परिसर में तक तैनात रहे, जब तक जांच पूरी नहीं हो गई। उधर, पुलिस की इस कार्रवाई के बाद राजनीति भी गरमा गई है। रांची पुलिस की कार्रवाई ईडी के साक्ष्यों को नष्ट करने की साजिश है : बाबूलाल
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि रांची स्थित ईडी कार्यालय में पुलिस कार्रवाई की आड़ में साक्ष्य नष्ट करने की साजिश हो रही है। उन्होंने कहा कि वहां मुख्यमंत्री और पुलिस-प्रशासन से जुड़े हजारों करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार से संबंधित अहम दस्तावेज मौजूद हैं। मरांडी ने पीएमओ और गृह मंत्रालय से ईडी कार्यालय में केंद्रीय बलों की स्थायी तैनाती की मांग की। केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग करने पर बाबूलाल पर केस दर्ज करें : सुप्रियो
झामुमो के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने बाबूलाल मरांडी के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जब कोई एफआईआर दर्ज होती है, तो पुलिस का जांच के लिए जाना स्वाभाविक है। मरांडी केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग कर राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों में टकराव की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने बाबूलाल मरांडी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की।


