भास्कर न्यूज | जांजगीर जिले में धान उठाव और परिवहन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने राइस मिलर्स और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धान उठाव में लगी प्रत्येक ट्रक के आगे और पीछे लगे नंबर प्लेट की फोटो अनिवार्य रूप से ली जाए। यह कदम धान उठाव प्रक्रिया में निगरानी और गड़बड़ियों की संभावना को कम करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धान खरीदी का अंतिम चरण शुरू होने के साथ ही जिले में बड़ी संख्या में ट्रक धान उठाने के लिए बाजारों और मिलों में आवाजाही करते हैं। ऐसे में कई बार गड़बड़ियां, अनियमित लोडिंग और नियमों की अवहेलना की शिकायतें सामने आती रही हैं। कलेक्टर महोबे ने कहा कि ट्रक के नंबर प्लेट की फोटो लेने से यह सुनिश्चित होगा कि हर वाहन ट्रैक किया जा सके और किसी भी अनियमित गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गाड़ियों की लोडिंग केवल निर्धारित क्षमता के अनुसार ही की जाए और किसी भी वाहन को अनावश्यक समय तक रोका न जाए। इसके साथ ही “सतर्क एप” और अन्य निगरानी तंत्र के माध्यम से ट्रकों की आवाजाही और नंबर प्लेट की फोटो का रिकॉर्ड रखा जाएगा। इससे प्रशासन को वास्तविक समय में जानकारी मिल सकेगी और किसी भी शिकायत का त्वरित समाधान संभव होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि आगे और पीछे नंबर प्लेट की फोटो लेने से न केवल ट्रक मालिकों और मिलर्स की जवाबदेही तय होगी, बल्कि किसानों के धान के उचित मूल्य और सुरक्षित परिवहन की प्रक्रिया भी सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, यह कदम भ्रष्टाचार और धांधली की संभावनाओं को काफी हद तक समाप्त करता है। जिला खाद्य अधिकारी कौशल साहू और डीएमओ रमेश लहरे ने बताया कि इस प्रणाली के लागू होने से धान उठाव के दौरान हर वाहन का रिकॉर्ड बनेगा और निगरानी आसान होगी।


