जैसलमेर में आग से लाखों का हुआ नुकसान:भीषण अग्निकांड में तीन परिवारों के चार कमरे राख, नहीं पहुंची दमकल

जैसलमेर के धोलिया गांव में शुक्रवार अलसुबह शॉर्ट सर्किट ने ऐसा कहर बरपाया कि तीन परिवारों के आशियाने और जीवन भर की जमापूंजी पल भर में राख के ढेर में तब्दील हो गई। आग इतनी भीषण थी कि घर में रखे 10 लाख रुपए नकद, 25 तोला सोने-चांदी के जेवरात और साल भर का अनाज जलकर स्वाहा हो गया। प्रशासन की लापरवाही का आलम यह रहा कि दो घंटे तक आग तांडव मचाती रही, लेकिन दमकल मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने अपने संसाधनों से आग पर काबू पाया। लाठी थाना पुलिस भी जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची और आग लगने के कारणों की पड़ताल के साथ नुकसान का जायजा लिया। तड़के 4 बजे मची चीख-पुकार जानकारी के अनुसार, धोलिया गांव में स्थित नरेश, सुरेश और उनके बहनोई के रिहाइशी मकान में सुबह करीब 4 बजे बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट होने से अचानक चिंगारी उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और चार कमरों को अपनी चपेट में ले लिया। गहरी नींद में सो रहे परिजनों ने जब धुआं और लपटें देखीं, तो वे जान बचाकर बाहर भागे और शोर मचाया। फसल बेचकर लाए थे 10 लाख रुपए पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने हाल ही में अपनी मेहनत की फसल बेची थी, जिसके 10 लाख रुपए घर में रखे थे। आग की लपटों ने उन रुपयों के साथ-साथ घर में रखे करीब 25 तोला सोने-चांदी के गहने, फसल की बोरियां और तमाम घरेलू सामान को जलाकर कोयला कर दिया। पीड़ित परिवारों के पास अब पहनने के कपड़ों के अलावा कुछ नहीं बचा है। ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा हैरानी की बात यह है कि सूचना देने के बावजूद पोकरण दमकल विभाग की गाड़ी समय पर नहीं पहुंची। आग की लपटें देख आसपास के खेतों से बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौके पर जमा हुए। ग्रामीणों ने बिना डरे खुद ही मोर्चा संभाला और ट्रैक्टरों से पानी व रेत डालकर करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अगर ग्रामीण मुस्तैदी नहीं दिखाते, तो बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर है और ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

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