विदिशा जिले के पठारी क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की आशंका के चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हालांकि, वन विभाग ने अब तक तेंदुए की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन एहतियातन निगरानी बढ़ा दी गई है। नगर के रिहायशी इलाके से सटे गैयननाथ पहाड़ पर तेंदुए की आहट महसूस की गई। ग्रामीणों के अनुसार, शिवलिंग के दर्शन के लिए जा रहे चार लोगों को अचानक तेंदुए की दहाड़ सुनाई दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पहाड़ के चारों ओर घनी आबादी होने के कारण ग्रामीण किसी अप्रिय घटना की आशंका जता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में डर व्याप्त है। हालात ऐसे हैं कि शाम ढलते ही लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए हैं और खुले में निकलने से परहेज कर रहे हैं। चार दिन से पिंजरा लगा, तेंदुआ नहीं फंसा
वन विभाग ने पतरुआ मैदान क्षेत्र में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिछले चार दिनों से पिंजरा लगा रखा है। हालांकि अब तक पिंजरे में दो बार वन बिलाव फंस चुका है, लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है। डीएफओ हेमंत यादव ने बताया कि पठारी क्षेत्र में तेंदुआ देखे जाने की सूचना मिली है। एहतियातन पिंजरा लगाया गया है और पूरे इलाके में लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि अकेले जंगल या पहाड़ी क्षेत्रों की ओर न जाएं और सतर्कता बरतें। पहले भी मिल चुकी हैं जंगली जानवरों की सूचनाएं
गौरतलब है कि करीब छह दिन पहले विदिशा शहर के बाईपास क्षेत्र की एक कॉलोनी में तेंदुआ देखे जाने की सूचना मिली थी। वहीं, गुलाबगंज क्षेत्र में बाघ देखे जाने की घटनाएं भी सामने आई थीं, जिसके बाद वन विभाग ने सर्च अभियान चलाया था। हालांकि, पिछले पांच दिनों से विदिशा शहर और गुलाबगंज क्षेत्र में किसी जंगली जानवर के दिखने की नई सूचना नहीं मिली है, लेकिन पठारी क्षेत्र में लगातार मिल रही सूचनाओं के चलते ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है।


