जैसलमेर जिले में मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाने को लेकर राजनीतिक पारा गरमा गया है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरदीन फकीर के नेतृत्व में शुक्रवार को कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जैसलमेर और पोकरण विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए विपक्षी दल द्वारा बड़ी संख्या में झूठी आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। इस दौरान पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, पूर्व सभापति अशोक सिंह तंवर समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता व महिला कार्यकर्ता मौजूद रहे। नियमों की अनदेखी कर बल्क में जमा किए फॉर्म कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमरदीन फकीर ने कलेक्टर को सौंपे पत्र में बताया कि इलेक्टोरल मैन्युअल 2023 के पैरा संख्या 11.3.2 (2) के अनुसार बल्क में आवेदन प्राप्त करना वर्जित है। नियमों के लिहाज से एक व्यक्तिगत मतदाता केवल एक फॉर्म और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के बीएलए-2 प्रतिनिधि अधिकतम 10 फॉर्म ही जमा कर सकते हैं। शिकायत में कहा गया है कि एसडीएम कार्यालय में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एक ही दिन में सैकड़ों से लेकर हजारों की संख्या में फॉर्म-7 (नाम हटाने हेतु) और फॉर्म-6 (नाम जोड़ने हेतु) जमा किए गए हैं । लोकतंत्र के साथ अन्याय का आरोप अमरदीन फकीर ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया एक सोची-समझी साजिश के तहत की जा रही है ताकि वास्तविक मतदाताओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित किया जा सके । उन्होंने कहा कि आवेदन पत्रों में मतदाता की संपूर्ण जानकारी, मोबाइल नंबर और आवश्यक अंडरटेकिंग होना अनिवार्य है, लेकिन इन नियमों को ताक पर रखकर थोक में फॉर्म लिए गए हैं । कांग्रेस की मुख्य मांगें: इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासन से इस गंभीर विषय पर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन देने की यह कार्रवाई मतदाता सूची के प्रकाशन और दावे-आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि (15 जनवरी 2026) के ठीक अगले दिन की गई है ।


