रतलाम के रावटी स्थित सांदीपनि स्कूल (सीएम राइज) में गुरुवार को मिड डे मिल (मध्यान्ह भोजन) खाने से 14 विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ गई। दाल-खिचड़ी खाने के बाद बच्चों को सिर और पेट में दर्द होने लगा। स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को रावटी के मेडिकल क्लिनिक पर ले जाकर इलाज कराया और दवा दिलवाई। घटना की जानकारी मिलने पर रात में जिला प्रशासन के अधिकारी स्कूल पहुंचे और जांच की। शुरुआती जांच में खिचड़ी में मिर्च ज्यादा होने की बात सामने आई है। फिलहाल सभी बच्चे स्वस्थ हैं। गुरुवार को स्कूल में मिड डे मिल में दाल-खिचड़ी दी गई थी। खाने के बाद सबसे पहले छात्रा दुर्गा ने सिर व पेट दर्द की शिकायत की। इसके बाद एक-एक कर 14 बच्चों ने यही समस्या बताई। स्कूल स्टाफ उन्हें तुरंत रावटी के मेडिकल क्लिनिक ले गया, जहां डॉ. बीएल मांगरिया ने जांच कर एंटी-एसिडिटी की दवा दी। आराम मिलने पर शाम 4.30 बजे बच्चों को घर भेज दिया गया। स्कूल के मिडिल सेक्शन में कुल 94 बच्चों ने खाना खाया था, जिनमें से कक्षा 6ठी के 10 और कक्षा 7वीं के 4 विद्यार्थी (जिनमें 2 छात्राएं) बीमार हुए। अधिकारियों ने रात में की जांच, खिचड़ी चखी स्कूल प्रबंधन ने दिनभर मामले को दबाए रखा। देर शाम कलेक्टर मिशा सिंह और जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ निर्देश शर्मा रात 7.30 बजे रावटी पहुंचे। उन्होंने स्कूल प्रिंसिपल और स्टाफ से जानकारी ली और बनी हुई खिचड़ी को चखकर देखा। रात 10 बजे वे वापस रतलाम लौटे। अधिकारियों ने खिचड़ी का सैंपल भी लिया है। अतिरिक्त सीईओ ने मोबाइल पर बच्चों और उनके परिजनों से बात कर हाल जाना। ‘मिर्ची तेज थी, इसलिए हुई परेशानी’ जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ ने बताया, “मीनू में दाल चावल का प्रावधान है। बच्चों की मांग पर मकर संक्रांति को देखते हुए दाल चावल को मिश्रित कर खिचड़ी बनवाई गई। खिचड़ी के सैंपल को 24 घंटे के लिए सुरक्षित रखा जाता है… मेरे द्वारा स्कूल पहुंचकर खिचड़ी का टेस्ट किया है। खिचड़ी में मिर्ची की मात्रा ज्यादा थी। संभवत: मिर्ची के कारण 14 बच्चों ने पेट व सिर दर्द की शिकायत दर्ज कराई। बाकी किसी को कोई परेशानी नहीं हुई है। परिजनों व विद्यार्थियों से बात की है। सभी की तबीयत ठीक है। मिड डे मिल संचालक को कम मिर्ची के उपयोग के निर्देश दिए है।” ठेकेदार 1000 बच्चों को देता है खाना सांदीपनि स्कूल के प्रिंसिपल अमरसिंह भाभर ने बताया कि शिकायत मिलते ही बच्चों को डॉक्टर को दिखाया गया था, जिससे उन्हें आराम मिला। रावटी क्षेत्र में मिड डे मिल का ठेका प्रकाश ग्वालियरी के पास है। वे क्षेत्र के शासकीय स्कूलों में करीब 1 हजार बच्चों का खाना बनाते हैं, लेकिन अन्य किसी जगह से तबीयत खराब होने की जानकारी सामने नहीं आई है।


