केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नमस्ते योजना (नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम) के अंतर्गत कोटा नगर निगम द्वारा शहर में कार्यरत अनौपचारिक श्रेणी के वेस्ट पिकर्स का सर्वे और प्रोफाइलिंग कार्य शुरू कर दिया गया है। इस सर्वे का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में कार्य कर रहे ऐसे श्रमिकों की पहचान करना है, जो अब तक किसी भी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में नहीं आ पाए हैं। नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सर्वे में शहर के ऐसे महिला एवं पुरुष वेस्ट पिकर्स को शामिल किया जा रहा है, जिन्हें भविष्य निधि (पीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) जैसी सुविधाएं प्राप्त नहीं हैं। सर्वे के माध्यम से इन श्रमिकों की प्रोफाइल तैयार कर उन्हें नमस्ते योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि भविष्य में उन्हें सरकारी योजनाओं का फायदा मिल सके। आयुक्त ने बताया कि सर्वे के अंतर्गत कचरा पॉइंट से कचरा बीनने वाले, कबाड़ संग्रहकर्ता, डंपिंग यार्ड में कूड़ा-कचरा एकत्र करने वाले तथा नगर निगम क्षेत्र में कचरा संग्रहण का कार्य करने वाले सभी असंगठित श्रमिकों को शामिल किया जा रहा है। अधिकृत संस्था द्वारा इन सभी का डेटा एकत्र कर केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वे में शामिल होने के लिए हितग्राहियों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लाना अनिवार्य होगा। आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में प्रोफाइलिंग नहीं की जा सकेगी। नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर कचरा बीनने या संग्रहण का कार्य करने वाले इच्छुक व्यक्ति नगर निगम कार्यालय के कमरा नंबर 310 में संपर्क कर सकते हैं। यहां अधिकृत संस्था द्वारा उनका सर्वे कर नमस्ते योजना से जोड़ा जाएगा। नगर निगम का मानना है कि इस पहल से वेस्ट पिकर्स को न केवल पहचान मिलेगी, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य लाभ और भविष्य की सरकारी योजनाओं का भी सीधा फायदा मिल सकेगा। यह कदम शहर के स्वच्छता तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ असंगठित श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


