श्रीमाधोपुर में मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में फॉर्म-7 जमा होने पर विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार दोपहर को एसडीएम कार्यालय में एसडीएम अनिल कुमार को जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। कांग्रेस ने ज्ञापन में बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन 12 दिसंबर 2025 को किया गया था। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 12 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित है। कांग्रेस का आरोप-थोक में आवेदन स्वीकार किए
पार्टी ने आरोप लगाया कि इलेक्टोरल मैनुअल 2023 के पैरा 11.3.2(2) के तहत थोक में आवेदन स्वीकार नहीं किए जा सकते। नियमानुसार, एक व्यक्ति केवल एक फॉर्म प्रस्तुत कर सकता है, जबकि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 भी प्रतिदिन अधिकतम 10 फॉर्म ही जमा कर सकते हैं। कांग्रेस का दावा है कि एसडीएम कार्यालय में एक ही दिन में एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए सैकड़ों से हजारों की संख्या में फॉर्म-7 (नाम हटाने के लिए) और फॉर्म-6 (नाम जोड़ने के लिए) जमा किए गए हैं। पार्टी ने मांग की है कि इन नियम विरुद्ध आवेदनों पर कोई संज्ञान न लिया जाए। कांग्रेस ने प्रशासन से नियम विरुद्ध जमा किए गए फॉर्म-6, 7 और 8 की संकलित सूची उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही, पार्टी ने दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू करने पर जोर दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्षता लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपते समय कांग्रेस पार्षद मदन चौहान, युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्की बिंवाल, पार्षद राकेश ढोला, राकेश तिवाड़ी, संजय लोकनाथका, लक्ष्मीकांत हरितवाल, मुकेश आसीवाल, सुनील पंजाबी और लक्की मऊवाला सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।


