प्रतापगढ़ जिला कलेक्टर के निर्देश पर प्रतापगढ़ नगर परिषद आयुक्त ने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम की धारा 69-ए के तहत जारी 31 अवैध पट्टों को निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई अब तक कुल 31 पट्टों पर की गई है। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध पट्टाधारकों और इसमें संलिप्त भू-माफियाओं के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति को रोकना है। यह कार्रवाई पूर्व जनजाति मंत्री स्वर्गीय नंदलाल मीणा द्वारा राज्यपाल और मुख्यमंत्री को की गई शिकायतों पर आधारित है। इन शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कराई गई थी। जांच समिति की स्पष्ट अनुशंसाओं के बावजूद, पहले भेजी गई रिपोर्ट को केवल सतर्कता विभाग में दर्ज किया गया था। इसके बाद, जिला कलेक्टर ने संशोधित अधिनियम 2021 के तहत राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 73(बी) के प्रावधानों के अनुसार नगर परिषद आयुक्त के अधिकारों की पुनः पुष्टि की। इस पुष्टि के लगभग डेढ़ वर्ष बाद नगर परिषद ने अवैध पट्टों को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की है। अवैध पट्टों से मुक्त हुई सरकारी भूमि का उपयोग अब शहर के गरीब, बेघर, श्रमिक और जरूरतमंद व्यक्तियों के आवासीय तथा विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। साथ ही, इससे नगर परिषद की आय में भी वृद्धि होगी, जिससे भू-माफियाओं के बजाय शहर के समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा। अवैध पट्टाधारकों और इसमें संलिप्त भू-माफियाओं से नियमानुसार राजस्व वसूली और कानूनी कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाएगी। इस पूरे प्रकरण की कार्यवाही रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जा रही है।


