सलूंबर में 7 दिन से चल रहा विरोध-प्रदर्शन खत्म:लेक्चरर के ट्रांसफर के बाद ग्रामीणों और बच्चों ने धरना रोड जाम की, जबरन रिलीव करने वाले कार्यवाहक प्रिंसिपल समेत 3 को हटाया

सलूंबर जिले के लसाड़िया क्षेत्र में एक सरकारी लेक्चरर के ट्रांसफर के बाद ग्रामीणों का विरोध-प्रदर्शन शुक्रवार को खत्म हुआ। पिछले 7 दिनों से चल रहा यह प्रदर्शन पुलिस और शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। मामला बढ़ने पर शुक्रवार को शिक्षा विभाग ने लेक्चरर को वापस उसी स्कूल में डेपुटेशन पर लगा दिया। साथ ही, उन्हें जबरन कार्यमुक्त (रिलीव) करने वाले कार्यवाहक प्रिंसिपल और दो कर्मचारियों को भी स्कूल से हटाकर सलूंबर डीईओ ऑफिस में लगाया गया है। इस मामले को लेकर ग्रामीण और स्कूली बच्चे कई बार सड़क जाम कर चुके थे। यह पूरा मामला लसाड़िया के पीलीभीत स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल का है। विरोध प्रदर्शन के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं के साथ-साथ बाप विधायक थावरचंद मीणा ने भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया था। दरअसल, पीलीभीत के इस स्कूल में अंग्रेजी के लेक्चरर सुनील कुमार स्वामी का शनिवार को प्रतापगढ़ जिले के सालमगढ़ स्कूल में ट्रांसफर हुआ था। इसके अगले दिन ही स्कूल के कार्यवाहक प्रिंसिपल सुरेश बढ़ानिया, वरिष्ठ अध्यापक चौथमल चौकरिया और क्लर्क हेमंत नंदावत ने उन पर दबाव बनाकर उन्हें स्कूल से कार्यमुक्त कर दिया। सोमवार को जब ग्रामीणों और बच्चों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। दो बार प्रदर्शन के बाद भी जब शिक्षा विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो ग्रामीणों ने शुक्रवार को बांसी-लसाड़िया रोड जाम कर दिया। इसी बीच धरियावद विधायक थावरचंद मीणा भी वहां पहुंचे और कलेक्टर व डीईओ को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। दो थानों की पुलिस की मौजूदगी में कई घंटों तक चले हंगामे के बाद सलूंबर डीईओ पवन कुमार रावल ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया। उन्होंने लेक्चरर सुनील कुमार को वापस उसी स्कूल में लगाने और दबाव बनाने वाले तीनों कर्मचारियों को हटाने के आदेश जारी किए। विभाग ने स्कूल के लिए एक नई कमेटी बनाने का भी फैसला किया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए। ग्रामीणों का कहना है कि हनुमानगढ़ के रहने वाले सुनील कुमार पिछले 7 सालों से इसी गांव के स्कूल में पढ़ा रहे हैं। उनके आने के बाद स्कूल के रिजल्ट में काफी सुधार हुआ है और वे बच्चों की पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर रहते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजनीति के तहत स्वामी को स्कूल से हटवाया गया, जबकि हटाए गए तीनों कर्मचारी बच्चों के साथ भेदभाव करते थे और गलत भाषा का इस्तेमाल करते है। इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा और पूर्व कांग्रेस विधायक नगराज मीणा ने भी पहुंचकर ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया था। सभी नेताओं ने अधिकारियों से लेक्चरर स्वामी को वापस उसी स्कूल में रखने की मांग की थी।

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