हनुमानगढ़ में अखिल भारतीय किसान सभा की हनुमानगढ़ जिला कमेटी ने शुक्रवार को किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। सभा ने 21 सूत्रीय मांगें रखीं और चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की। किसान सभा के जिला महासचिव मंगेज चौधरी ने बताया कि पिछले दो वर्षों से किसान लगातार संकट का सामना कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने सरकार और जनप्रतिनिधियों पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया, कहा कि समस्याएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। आंदोलन की रूपरेखा घोषित करते हुए मंगेज चौधरी ने बताया कि किसानों की जमीन नीलामी के विरोध में 19 जनवरी को प्रदर्शन होगा। इसके बाद, 2 फरवरी को पल्लू में फसल बीमा और स्थानीय मुद्दों पर आंदोलन किया जाएगा। 15 फरवरी को नोहर में प्रदर्शन होगा और फरवरी के अंत तक जिला मुख्यालय पर एक बड़ा आंदोलन आयोजित किया जाएगा। चौधरी ने यह भी बताया कि जिले में मूंग की फसल पूरी तरह खराब हो गई थी, लेकिन किसानों को कोई मुआवजा नहीं मिला। किसान सभा का आरोप है कि जिला प्रशासन के रिकॉर्ड में फसल खराबे को दर्शाया ही नहीं गया। प्रशासन को जगाने के लिए हर सातवें दिन प्रदर्शन करने की बात कही गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी किए गए 21 सूत्रीय मांग पत्र में रबी 2020-21 से 2024-25 तक के बकाया फसल बीमा क्लेम का भुगतान, रिजेक्ट पॉलिसियों की बहाली, खरीफ 2023 के ऑब्जेक्शन हटाना, सिंचाई के लिए दिन में बिजली, नहरों में पूरा पानी, पेयजल व्यवस्था में सुधार, स्मार्ट मीटर पर रोक और मनरेगा से जुड़े प्रस्तावों को निरस्त करने जैसी मांगें शामिल हैं। किसान सभा ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला उपाध्यक्ष गोपाल बिश्नोई, मोहन लोहरा, चरणप्रीत बराड़, केशव पंचारिया, वेद मक्कासर, अनिल चौधरी और रामनिवास भादू सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।


