नाबालिग से बलात्कार के दोषी को आजीवन कारावास:43 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया, रास्ते में पकड़कर जबरन किया था दुष्कर्म

विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट संख्या-1, झालावाड़ ने नाबालिग से बलात्कार के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने गंगाहोनी, थाना मनोहरथाना, जिला झालावाड़ निवासी अभियुक्त को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 43 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया है। विशिष्ट लोक अभियोजक गिरिराज नागर ने बताया कि यह मामला 10 अक्टूबर 2025 को मनोहरथाना थाने में दर्ज एक रिपोर्ट से संबंधित है। पीड़ित ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ हुए दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार लगभग 7-8 माह पूर्व पीड़िता के पिता ने अभियुक्त की सगाई पीड़िता की बुआ की पोती से करवाई थी। इसके बाद अभियुक्त का पीड़िता के घर आना-जाना शुरू हो गया था। घटना 12 अक्टूबर 2024 की है, जब पीड़िता अपने माता-पिता के साथ खेत पर मक्का छिलने गई थी। शाम करीब 4 बजे पीड़िता के पिता ने उसे बकरियां लेकर घर भेज दिया। लगभग आधे घंटे बाद जब पिता घर पहुंचे, तो घर की कुंडी अंदर से बंद मिली। कुंडी खुलवाने पर पीड़िता ने दरवाजा खोला और उस समय अभियुक्त भी घर के अंदर मौजूद था। पूछताछ करने पर पीड़िता ने बताया कि अभियुक्त उसके साथ छेड़छाड़ कर रहा था और गलत काम करने की धमकी दे रहा था। इसके बाद पीड़िता ने अपने पिता को बताया कि 2 सितंबर 2024 को जब वह खेत से बकरी लेकर घर लौट रही थी, तब अभियुक्त ने उसे रास्ते में पकड़कर खाल में ले जाकर जबरन बलात्कार किया था। अभियुक्त ने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। डर के कारण पीड़िता ने यह बात पहले किसी को नहीं बताई थी। इसके बाद भी अभियुक्त लगातार पीड़िता को परेशान करता रहा और कई बार उसके साथ जबरन बलात्कार किया। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान पूरा किया और न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। अभियोजन की ओर से राजस्थान सरकार की तरफ से पैरवी करते हुए 11 गवाह और 22 दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने मुलजिम को दोषी मानते हुए उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा कुल 43 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया।

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