छतरपुर जिला चिकित्सालय में गुरुवार को कायाकल्प एसेसमेंट के तहत राज्य स्तरीय टीम ने व्यापक निरीक्षण किया। दोपहर से शाम तक चले इस एसेसमेंट के दौरान अस्पताल परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा, जिससे चिकित्सकों और कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया। टीम ने जिला अस्पताल के एसएनसीयू, पीआईसीयू, मेटरनिटी विंग, ब्लड बैंक, लैब, लॉन्ड्री, किचन, ऑपरेशन थिएटर, मेडिसिन वार्ड, ट्रॉमा यूनिट और आईसीयू सहित लगभग सभी प्रमुख विभागों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान साफ-सफाई, रिकॉर्ड संधारण, मरीजों को दी जा रही सुविधाएं, उपकरणों की स्थिति और संक्रमण नियंत्रण जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने संबंधित विभागों के प्रभारी अधिकारियों और स्टाफ से विस्तृत जानकारी ली, साथ ही आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की। कायाकल्प निरीक्षण के मद्देनजर अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों में सुबह से ही सक्रियता देखी गई। सभी विभागों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के लिए स्टाफ लगातार जुटा रहा। एक महीने में आ सकता है परिणाम
सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया ने बताया कि कायाकल्प एसेसमेंट का परिणाम लगभग एक महीने के भीतर आने की संभावना है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दो साल पहले भी इसी टीम ने निरीक्षण किया था, लेकिन तब जिला अस्पताल कायाकल्प मानकों पर खरा नहीं उतर पाया था। हालांकि, इस बार स्थिति में सुधार हुआ है और सफलता की अधिक उम्मीद है। डॉ. चौरसिया ने बताया कि टीम के निर्देशों के अनुसार इस बार व्यवस्थाओं में काफी सुधार किया गया है। अस्पताल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने निरीक्षण के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने इस प्रयास के लिए जिला चिकित्सालय के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को धन्यवाद दिया और विश्वास व्यक्त किया कि इस बार जिला अस्पताल को कायाकल्प में बेहतर परिणाम प्राप्त होगा।


