सारंगपुर तहसील के संडावता गांव में शुक्रवार शाम गाड़गंगा नदी के उद्गम स्थल से मानस यात्रा की शुरुआत की गई। संडावता पंचायत द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल शामिल हुए। उन्होंने नदियों को बचाने और लोगों की भागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया। इस दौरान भाजपा के अनुसूचित जाति के वरिष्ठ नेता रामलाल खटक ने प्रशासन पर उनकी पत्नी और जिला पंचायत सदस्य प्रेमबाई खटक के अपमान का आरोप लगाया। खटक ने कहा कि न तो शिलापट्ट पर उनका नाम लिखा गया और न ही बैनर-पोस्टर में फोटो लगाया गया। मंत्री बोले- नदियां हमारी संस्कृति का हिस्सा आयोजन के दौरान मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि नदियां सिर्फ पानी का साधन नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और जीवन का आधार हैं। उन्होंने बताया कि नदियों की सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है। जनजागरण का माध्यम है मानस यात्रा मंत्री ने कहा कि मानस यात्रा का उद्देश्य लोगों को नदियों के महत्व के बारे में जागरूक करना है। इसके जरिए जल स्रोतों को बचाने और उन्हें दोबारा जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, कुएं, बावड़ी और छोटी नदियों को संरक्षित करने की जरूरत बताई। मंत्री ने कहा कि पुराने जल स्रोतों को सहेजकर आज की जल समस्या का समाधान किया जा सकता है। मंच पर नहीं पहुंचे रामलाल खटक कार्यक्रम के दौरान मंच से भाजपा अनुसूचित जाति के नेता रामलाल खटक का नाम कई बार पुकारा गया, लेकिन वे मंच पर नहीं पहुंचे। बाद में उन्होंने इसे नारी सम्मान से जुड़ा मामला बताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। शिलापट्ट और बैनर में नाम न होने का आरोप रामलाल खटक ने जनपद सीईओ पर आरोप लगाया कि उनकी पत्नी प्रेमबाई खटक, जो जिला पंचायत सदस्य हैं, उनका नाम शिलापट्ट पर नहीं लिखा गया। साथ ही बैनर और पोस्टर में भी उनका फोटो नहीं लगाया गया। उन्होंने इसे नारी सम्मान का अपमान बताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद इस अवसर पर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, सांसद रोडमल नागर, जिला पंचायत सीईओ डॉ. इच्छित गढ़पाले और एसडीएम सारंगपुर रोहित बम्होरे सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने नदी संरक्षण के लिए मिलकर काम करने की बात कही।


