छिंदवाड़ा जहरीला कफ सिरप मामला:डॉक्टर सोनी ने हाईकोर्ट में रखा पक्ष, बोले-मेरी नहीं दवा कंपनी की गलती;6 अक्टूबर से हैं जेल में

छिंदवाड़ा में जहरीला कफ सिरप पीने से 25 मासूम बच्चों की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी की जमानत याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आरोपी डॉक्टर ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बच्चों की मौत के लिए वे जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि इसमें दवा कंपनी की गंभीर लापरवाही है। डॉ. प्रवीण सोनी की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने नियमानुसार दवा लिखी थी और सिरप में जहरीले तत्व होने की जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की बनती है। शुक्रवार को कोर्ट ने आरोपी डॉक्टर की दलील सुनी, वहीं अब अगली सुनवाई में राज्य सरकार और हस्तक्षेपकर्ताओं का पक्ष रखा जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को निर्धारित की गई है। गौरतलब है कि छिंदवाड़ा के इस बहुचर्चित कफ सिरप कांड में पुलिस ने 6 अक्टूबर को डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तब से वह छिंदवाड़ा जेल में बंद हैं। 10 प्रतिशत कमीशन के लिए लिखते थे सिरप परासिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. प्रवीण सोनी ने स्वीकार किया है कि कोल्ड्रिफ प्रिस्क्राइब करने की एवज में उन्हें श्रीसन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड से 10% कमीशन मिलता था। एक सिरप पर 89 रुपए एमआरपी दर्ज है। इतना ही नहीं, कई दवाइयां डॉक्टर की पत्नी और भतीजे की दुकान पर बेची जाती थीं। यानी कमीशन के बदले मासूमों के स्वास्थ्य का सौदा किया जा रहा था। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… कोल्ड्रिफ के छिंदवाड़ा स्टॉकिस्ट ने मिटाए सबूत, केस होगा; जबलपुर में होलसेलर का लाइसेंस निरस्त मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप कांड की जांच का दायरा दवा कंपनी के मालिक और डॉक्टर के बाद अब होलसेलर और केमिस्ट तक पहुंच गया है। खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग (FDA) ने एक रिपोर्ट पुलिस को सौंपी है, जिसमें दवा दुकानदारों पर सबूत छिपाने का आरोप लगाया गया है। इसी आधार पर पुलिस अब इन लोगों को मामले में सह-आरोपी बनाने की तैयारी कर रही है। पढ़ें पूरी खबर… जहरीले सिरप के कंपनी मालिक को नहीं मिला वकील, कोर्ट ने 10 दिन की रिमांड पर भेजा मध्य प्रदेश में 25 बच्चों की मौत का कारण बने कफ सिरप को बनाने वाली कंपनी के मालिक गोविंदन रंगनाथन को कोर्ट ने 10 दिन की रिमांड में भेजा है। परासिया कोर्ट में पेशी के दौरान उन पर हमले की कोशिश की गई। लोगों और वकीलों ने ‘हत्यारे को फांसी दो’ के नारे लगाए। परासिया अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्याम कुमार साहू ने कहा- जिले का कोई भी वकील ऐसे आरोपी की पैरवी नहीं करेगा। पढ़ें पूरी खबर…

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