सतना के क्रिस्तुकुला मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रबंधन की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। गुरुवार को स्कूल परिसर में कक्षा दूसरी का एक छात्र घायल हो गया, जिसका हाथ फ्रैक्चर हो गया। आरोप है कि स्कूल ने कई घंटों तक न तो छात्र को उचित इलाज दिया और न ही उसके परिजनों को समय पर सूचित किया। यह घटना शहर के पतेरी क्षेत्र में स्थित स्कूल में हुई। शाम को जब परिजन बच्चे को लेने पहुंचे, तब उन्हें उसके हाथ में फ्रैक्चर होने की जानकारी मिली। बच्चे का हाथ ऊपर नहीं उठ पा रहा था और वह दर्द से रो रहा था। आरोप- परिजनों को देरी से सूचना मिली
पीड़ित छात्र के पिता विशाल पंजवानी हैं, जो सिंधी कैंप, संजय स्वीट्स, सतना के निवासी हैं। छात्र की मां वर्षा पंजवानी ने बताया कि घटना दोपहर करीब 2 बजे हुई थी, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने शाम 4 बजे तक परिवार को इसकी सूचना नहीं दी। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से बात करने की कोशिश की, तो शुरुआत में उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया गया। परिजनों द्वारा शिकायत दर्ज कराने की बात कहने के बाद ही स्कूल प्रबंधन तत्काल उपचार कराने के लिए तैयार हुआ। बच्चा खेलते समय गिर गया था : प्रबंधन
विद्यालय प्रबंधन का दावा है कि छात्र को दोपहर में ही प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) दिया गया था। स्कूल के अनुसार, शिक्षिका प्रियंका सिंह ने प्राथमिक उपचार किया था। स्कूल मैनेजर फादर थॉमस ने बताया कि बच्चा खेलते समय गिर गया था, जिससे उसे चोट लगी। फादर थॉमस ने स्वीकार किया कि शिक्षिका की गलती थी कि उसने प्रबंधन को घटना की जानकारी नहीं दी। इस लापरवाही के लिए शुक्रवार को ही शिक्षिका प्रियंका सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उधर, पीड़ित छात्र के परिजनों ने सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत कर घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। मामले के सामने आने के बाद स्कूल की कार्यप्रणाली और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बच्चे के परिजनों द्वारा स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के संबंध में सिविल लाइन थाने में शिकायत की है। जांच की जा रही है।


