भास्कर न्यूज | चाईबासा पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामले सामने आने के बाद झारखंड का स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। एनएचएम झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बुधवार को राज्य के सभी सिविल सर्जनों को अलर्ट करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एहतियात बरतने को कहा है। उन्होंने सभी सिविल सर्जनों को इससे बचाव के प्रति सभी लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया है। आउटब्रेक की स्थिति में क्विक रिस्पांस टीम बनाकर त्वरित कार्रवाई करने को कहा है। निपाह वायरस को लेकर एडवायजरी जारी की गई है। झा के अनुसार, फिलहाल राज्य के किसी भी जिले में निपाह की सूचना नहीं है। यह जूनोटिक बीमारी है, जिसके फैलने का खतरा चमगादड़ और सूअरों से होता है। इसलिए, संभावित क्षेत्रों की पहचान कर विशेष रूप से लोगों को जागरूक करने का निर्देश भी दिया गया है। निपाह वायरस का सबसे ज्यादा खतरा पश्चिम बंगाल से सटे रांची सहित अन्य 10 जिलों में बना हुआ है। निपाह वायरस चमगादड़ से फैलने वाला एक पशुजन्य वायरस है, जो मनुष्यों और अन्य जानवरों में संक्रमण का कारण बनता है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसकी मृत्यु दर बहुत अधिक (40-75%) है। दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका और दक्षिण-पूर्वी एशिया में निपाह वायरस के कारण कई बार रोग प्रकोप हुए हैं। निपाह वायरस, हेनिपा वायरस जीन से संबंधित है, जिसमें हेंड्रा वायरस भी शामिल है, जिससे भी रोग प्रकोपों का कारण बना है। निपाह वायरस क्या है? यह करें {क्क्वाष्रंटाइन, मास्क पहनें, हाथ धोएं, स्वच्छता बनाए रखें। क्या न करें {कच्चे फल और सब्जियां न खाएं, ताड़ी न पिएं, गतिशीलता कम से कम रखें, रोकथाम इलाज से बेहतर है, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें और जहां आवश्यक हो वहां मास्क पहनें। ऐसे स्थानों से प्राप्त खाद्य/पेय पदार्थों से बचें, जहां जानवरों को संक्रमण हो (ताड़ी आदि से)।


