भास्कर न्यूज | राजिम कौन्दकेरा ग्राम खुड़ियाडीह की महिला अनिता साहू ने बिहान समूह में जुड़कर कृषि विभाग से मशरूम की खेती का प्रशिक्षण लिया और जाना कि मशरूम की खेती कैसे की जाती हैं प्रशिक्षण पाने के बाद उन्होंने अब गांव गांव की महिलाओं को मशरूम उत्पादन करना सिखा रही हैं। वहीं अनिता साहू ने बताया कि कई ऐसे महिलाएं जिन्होंने कभी अपने गांव से बाहर कदम नहीं रखा और न ही बाहर की दुनिया से ज्यादा वाकिफ हैं लेकिन अब यह महिलाएं अपने परिवार का सहारा बनीं हुई हैं। मशरूम आज इन महिलाओं के लिए सफेद सोना साबित हो रहा हैं। गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक के दर्जनों गांवों के महिलाओं को मशरूम उत्पादन करना सिखा रही है। ग्राम कसेरूडीह की महिला कहती हैं कि उनके समूह की महिलाएं खेती किसानी से जुड़ी हुई हैं जो घर परिवार के दैनिक कार्यों को करने के बाद अतिरिक्त आमदनी के लिए स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां संचालित करना चाहती थीं। प्रशिक्षण लेने की जानकारी जैसे ही गांव की महिलाओं को लगी तो पहले से मशरूम खरीदने की डिमांड आने लगीं हैं।


