भास्कर न्यूज| भरतपुर बंशी पहाड़पुर का वन क्षेत्र सरकारी निर्णयों की भेंट चढ़ता जा रहा है। कभी हजारों हेक्टेयर में फैला यह पहाड़ अब महज 59 हेक्टेयर में सिमटकर रह गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कई वर्ष पहले अरावली शृंखला में आने वाला बंशी पहाड़पुर का 398 हेक्टेयर वन भूमि खनन के लिए खनिज विभाग को आवंटित की जा चुकी है और वर्तमान में 189 हेक्टेयर और भूमि खनन के लिए खनिज विभाग को सौंपने की तैयारी में सरकार लगी हुई है। वहीं, खनन माफिया खनन कर क्षेत्र को खत्म करने में लगे हुए हैं। अरावली बचाओ अभियान के तहत संभाग में लगातार अवैध रूप से हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई सीसीएफ पी कथिरवैल के िनर्देशन में चलाए जा रहे हैं,लेकिन सरकारी स्तर पर लिए गए इन फैसलों ने वन विभाग के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। एक ओर जंगल बचाने की जिम्मेदारी, दूसरी ओर लगातार घटता वन क्षेत्र। कागजों में वन विभाग के पास बयाना के बंशी पहाड़पुर में अवर्गीकृत वन ( अनक्लासिफाइड फोरेस्ट) मिलाकर कुल 893 हेक्टेयर एरिया है,लेकिन वास्तविकता में मात्र 59 हेक्टेयर ही बंशी पहाड़पुर का एरिया ही बचा हुआ है, जिसमें से 44 हेक्टेयर कोर्ट केस के कारण व 15 हेक्टेयर ईको सेंसिटिव जोन बचा हुआ है। ^बंशी पहाड़पुर के 189 हेक्टेयर देने की तैयारी चल रही है क्योंकि पहले यह एरिया बंध बरैठा वाइल्ड सेंचुरी में आ गया था। वर्ष 2021 में सेंचुरी से बाहर आ गया, जिसको बहुत पहले लीज पर जगह दी उन्होंने अप्लाई किया है। इस कारण 189 हेक्टेयर जगह डायवर्जन करने की तैयारी चल रही है। -प्रमोद धाकड़, डीएफओ।


