जयपुर में शुक्रवार को किन्नर अखाड़ा ने देशभर में किन्नर समाज में चल रही अवैध गतिविधियों और धार्मिक कट्टरता पर खुलकर आरोप लगाए। मानसरोवर, धोलाई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास महाराज ने कहा कि देशभर में एक संगठित जाल ‘किन्नर जिहाद’ के नाम पर सक्रिय है, जो सनातनी किन्नरों के धर्मांतरण, अवैध वसूली और आर्थिक शोषण में लिप्त है। किन्नर जिहाद के खिलाफ उठाए गए मुहिम को बजरंग सेना, हिंदू वाहिनी सेना, विश्व हिंदू परिषद, मीणा महासंघ जैसे कई अन्य संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया है। शेष | पेज 9 बच्चों को ऑपरेशन से किन्नर बना रहे: हिमांगी सखी महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने किन्नर समुदाय में शोषण, जबरन वसूली और धर्मांतरण को लेकर तीखे आरोप लगाए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो किन्नर जबरन पैसा वसूलते हैं, उन्हें बधाई देना बंद करें। कई वर्षों से किन्नर बच्चों का शोषण हो रहा है। पुरुष के रूप में जन्म लेने वाले बच्चों का ऑपरेशन कर उन्हें किन्नर बनाया जाता है। किन्नर गिरोह से सरकार क्यों नहीं लेती दान का हिसाब अजय दास महाराज ने कहा कि देश में हजारों समाजसेवी संस्थाएं दान का हिसाब सरकार को देती हैं, लेकिन किन्नर गिरोहों को टैक्स और जांच से अजीब तरह की छूट मिली हुई है, जबकि यह समानता के अधिकार का उल्लंघन है। कुछ प्रमुख किन्नर नेता इन जिहादी गिरोहों के साथ मिलकर सनातनी किन्नरों की घर वापसी रोकने का प्रयास कर रहे हैं। किन्नर के रूप में बांग्लादेशी छिपे हुए हैं, यह देश के लिए खतरा किन्नर अखाड़ा ने आरोप लगाया कि 80% सनातनी किन्नरों को दबाव, डर से एक समुदाय के रीति-रिवाज अपनाने को मजबूर किया जा रहा है। विरोध पर मारपीट और आर्थिक दंड तक लगाए जा रहे हैं। जन्म से हिंदू होने के बावजूद कई किन्नरों का अंतिम संस्कार समुदाय विशेष के तौर-तरीकों से किया जाता है। कथित गिरोह त्योहारों, शादियों और अन्य शुभ अवसरों पर दादागिरी के साथ अवैध वसूली करते हैं। बड़ी संख्या में किन्नर गिरोहों में बांग्लादेशी व्यक्तियों का प्रवेश भी है, जो देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक है।


