परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने किया विरोध, कहा- परीक्षा रद्द करे आयोग

परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्र सेंटर के गेट पर विरोध दर्ज कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि जिनकी परीक्षा विलंब से हुई थी, उन्हें पूरा समय देने का वादा किया गया था, लेकिन यह लागू नहीं हुआ। छात्रों ने इसे अनुचित बताते हुए भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है। आयोग से शुक्रवार की परीक्षा को रद्द कर फिर से आयोजित करने की मांग की है। एजुकेशन रिपोर्टर|रांची झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएससएससी) द्वारा माध्यमिक आचार्य के 1373 पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया चल रही है। शुक्रवार को आईसीयूबीई डिजिटल सेंटर, इरबा में परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होकर शाम 5 बजे तक निर्धारित थी। छात्रों ने बताया कि सेंटर पर तकनीकी और व्यवस्थापकीय गड़बड़ी के कारण उन्हें पूरा समय नहीं दिया गया। दोपहर 2 बजे बैठने वाले छात्रों की परीक्षा 5 बजे समाप्त हो गई, जबकि कुछ छात्रों को जो 30-40 मिनट देरी से सिस्टम दिया गया, उनकी भी परीक्षा 5 बजे समाप्त हो गई। विलंब से जिन्हें सिस्टम दिया गया, उन्हें कहा गया था कि अतिरिक्त समय दिया जाएगा। लेकिन अतिरिक्त समय नहीं मिला। सेंटर स्टाफ ने अभ्यर्थियों से कहा कि अब और समय नहीं मिलेगा, यही परीक्षा मान्य होगी। अभ्यर्थी गेट के बाहर समय नहीं मिलने के कारण विरोध में अपनी बात रख रहे थे। पहले दिन दो सेंटर की परीक्षा हुई थी स्थगित माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा पहले दिन यानि गुरुवार को भी दो सेंटर स्थगित कर दी गई थी। इसका कारण तकनीकी बताया गया था। वहीं दूसरे दिन समान अवसर नहीं मिलने का आरोप अभ्यर्थी लगा रहे हैं। कहा कि सेंटर पर इस तरह की अव्यवस्था को दूर कर मजबूत सिस्टम वाले केंद्रों को परीक्षा की जिम्मेवारी दी जानी चाहिए, क्योंकि यह किसी के भविष्य का सवाल है। सभी को समान समय मिलना चाहिए अभ्यर्थियों ने जोर देकर कहा कि इस नियुक्ति परीक्षा में शामिल सभी को सभी को समान समय और सुविधाएं मिलनी चाहिए। लेकिन दर्जनों अभ्यर्थियों को विलंब से परीक्षा शुरू होने के बाद भी अतिरिक्त समय नहीं दिया गया। इससे स्पष्ट है कि सभी अभ्यर्थियों को एक समान समय नहीं मिला है। इसपर आयोग को विचार करना चाहिए।

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