अब ग्रेन एटीएम से मिलेगा राशन का गेहूं:उपभोक्ता 24 घंटे में कभी भी ला सकेंगे राशन, भरतपुर, जयपुर और बीकानेर में जल्द शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

भरतपुर राशन लेने के लिए लंबी कतारें, घटतौली की शिकायत और कोटेदारों की मनमानी अब बीते दिनों की बात होने जा रही है। प्रदेश के भरतपुर, जयपुर और बीकानेर में अब राशन की दुकानों पर स्टैंडअलोन अन्नपूर्ति यानी ग्रेन एटीएम मशीनें लगाई जाएंगी। इसके लिए शहर में 15X30 फीट जगह का चयन किया जाना है। विश्व खाद्य कार्यक्रम के सहयोग से तैयार यह मशीनें 24 घंटे सरकारी अनाज उपलब्ध कराएंगी और वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएंगी। मशीनों के जरिए बायोमेट्रिक पहचान के आधार पर लाभार्थी सीधे अपना गेहूं, चावल या बाजरा निकाल सकेंगे। गेहूं की दुकानों से राशन लेने वालों के लिए अच्छी खबर है। आपने एटीएम से पैसे निकालने के बारे में तो सुना होगा लेकिन अब एटीएम राशन भी देगा। इसका नाम है अन्नपूर्ति एटीएम, जिसकी मदद से कोई भी उपभोक्ता चौबीस घंटे सातों दिन राशन ले सकता है। इससे अब राशन की दुकानों पर लंबी-लंबी कतारें लगाने की जरूरत नहीं रहेगी। इस मशीन के काम करने का तरीका एटीएम जैसा ही है। फर्क सिर्फ इतना है कि इसमें पैसे की जगह गेहूं, चावल और चीनी जैसा अनाज मिलेगा। यह मशीन 5 मिनट में 50 किलो तक अनाज वितरित करती है, जिससे इंतजार का समय 70% तक कम हो जाता है। ^जिले में जल्द ही अन्नपूर्ति एटीएम लगेगा। इससे लाभार्थियों को दुकानों के चक्कर काटने और घंटों लाइन में लगने से मुक्ति मिलेगी। बायोमेट्रिक पहचान के कारण धांधली की गुंजाइश खत्म होगी और 24 घंटे अनाज उपलब्ध रहेगा। यह पायलट प्रोजेक्ट है, इसके सफल होने के बाद जिलेभर में इसी तरह के एटीएम लगा दिए जाएंगे। -पवन अग्रवाल, जिला रसद अधिकारी, भरतपुर भरतपुर जिले में 578 राशन की दुकानें संचालित हैं। खाद्य सुरक्षा योजना में करीब 2.10 लाख राशन कार्ड है, जिनमें 9.50 लाख यूनिट हैं। कई बार चूहों द्वारा अनाज को दूषित करने की शिकायतें भी इन राशन की दुकानों से मिलती हैं। ऐसे में अन्नपूर्ति एटीएम एक साथ इन तमाम समस्याओं को हल कर देता है। अक्सर राशन की दुकानों पर ”कम अनाज” देने की शिकायतें रहती हैं। अन्नपूर्ति एटीएम एक स्मार्ट मशीन है जो बैंक एटीएम की तरह काम करती है लेकिन इसमें पैसे की जगह अनाज मिलता है। मशीन पर लगे स्कैनर पर अपना अंगूठा (बायोमेट्रिक) लगाना होता है या आधार नंबर दर्ज करना होता है। उपभोक्ता को अनाज का प्रकार (गेहूं, चावल या बाजरा) और मात्रा का चुनाव करना होता है। मशीन के नीचे लगे आउटलेट से अनाज सीधे लाभार्थी के थैले में गिरता है। इस मशीन की सबसे बड़ी खूबी इसकी क्वालिटी और सेंसर तकनीक है। इसमें आधुनिक ऑटोमेटेड सेंसर लगे हैं, जो अनाज की तौल में 0.01% तक की शुद्धता रखते हैं। यानी एक ग्राम अनाज की भी हेराफेरी संभव नहीं है। मशीन के अंदर अनाज पूरी तरह सुरक्षित और नमी मुक्त रहता है, जिससे लाभार्थियों को साफ-सुथरा अनाज मिलता है।

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