भास्कर न्यूज | जांजगीर चांपा क्षेत्र में 21 लाख रुपए से अधिक की लूट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने कर्मचारी के अपहरण और लूट के मामले में मास्टरमाइंड योगेश रात्रे सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से लूट की रकम 13 लाख 75 हजार रुपए बरामद कर लिए गए हैं। इसके साथ ही कार, चाकू, बेसबाल स्टिक और पांच मोबाइल भी जब्त हुए हैं। पुलिस के अनुसार मेसर्स अरविंद इंडस्ट्रीज में हरीश देवांगन सुपरवाइजर हैं। वह नियमित तौर पर कंपनी की ओर से कलेक्शन के लिए अलग-अलग जगहों पर जाते हैं। 9 जनवरी की सुबह वे सक्ती की ओर निकले थे। विष्णु पेट्रोल पंप से 15 लाख 66200 रुपए और ठठारी के बंशीधर हार्डवेयर से 4 लाख 52500 लिए। इस दौरान रास्ते में कोसमंदा मेन रोड के पास काली कार में सवार आरोपियों ने हरीश की आंख में मिर्च पावडर फेंका। आंख में जलन होने पर हरीश ने बाइक रोकी। इस बीच तीन आरोपी उससे बैग छीनने लगे। विरोध गिरफ्तार आरोपियों में योगेश रात्रे उर्फ छोटे पिता नरसिंग (32) निवासी बिरगहनी, थाना जांजगीर, जमुना सेवायक पिता गणेश (25) निवासी चरण नगर, थाना चाम्पा, महेश्वर दिवाकर उर्फ छोटे दाऊ पिता कांशीराम (19) निवासी चरण नगर, थाना चांपा व अमीर मिरी उर्फ भोलू पिता मनोज (25) निवासी बिरगहनी, थाना जांजगीर शामिल हैं। वहीं एक अन्य फरार आरोपी की तलाश जारी है। करने पर हरीश को जबरन कार में बैठा लिया और मोबाइल भी छीन लिया। फिर धमकाकर- मारपीट करते हुए रात करीब 9 बजे मैनपाट सेल्फी जोन ले जाकर हरीश को गहरी खाई में धक्का दे दिया। वह पूरी रात पेड़-पत्थरों के सहारे फंसा रहा। सुबह किसी तरह सड़क पर पहुंचकर लिफ्ट ली। एक कंप्यूटर दुकान से मोबाइल पर ऑफिस में घटना की सूचना दी। पुलिस सक्रिय हुई और सीसीटीवी फुटेज, साइबर तकनीकी विश्लेषण और संदिग्ध वाहनों की पहचान कर आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपी अमीर मिरी ने बयान दिया है कि 9 जनवरी को कार से हरीश का पीछा करते हुए कोसमंदा तालाब के पास पहुंचे। हरीश की आंख में मिर्च पावडर डालकर बैग छीनने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर हरीश को मैनपाट ले गए। रात करीब 9 बजे उसे गहरी खाई में धक्का देकर छोड़ दिया। इसके बाद लूट की करम आपस में बांटकर घर चले गए। दो महीने से बना रहे थे प्लान साइबर टीम ने आस-पास के करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की और काली कार की पहचान की। वाहन के मालिक के तौर पर अमीर मिरी का नाम पता चला। वह पहले भी चोरी जैसे मामलों में संलिप्त रहा है। इस पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद लूट की पूरी योजना का खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि मास्टरमाइंड योगेश रात्रे दो माह से योजना बना रहा था।


