धार के धरमपुरी से भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर को एक महिला द्वारा ब्लैकमेल करने के मामले में एक और मोड़ आ गया है। विधायक के आरोप के बाद महिला के खिलाफ धामनोद और धरमपुरी थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब महिला और उसके पति कासिफ को तलाश रही है। इसी बीच शुक्रवार को महिला ने दो वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है, जिसमें वह सभी आरोपों को नकार रही है। उसका कहना है कि फिलहाल वह उत्तर प्रदेश के लखनऊ में है। वीडियो के बाद अब दैनिक भास्कर को कुछ ऑडियो लगे हैं। महिला का दावा है कि ऑडियो विधायक और उनके बीच बातचीत के हैं। हालांकि इन ऑडियो की पुष्टि दैनिक भास्कर नहीं करता। पढ़िए भाजपा विधायक और महिला के बीच हुई बातचीत के अंश … पहला ऑडियो- विधायक : तेरे पिताजी अभी भी फोन नहीं उठा रहे हैं।
महिला : सर, मैं यह कहना चाह रही थी कि कहीं से पैसे अरेंज करवा दो, मैं चली जाती। विधायक : कहां जाओगे, कब तक ऐसे मांगोगे, क्या करोगे, बताओ। अभी पैसे हैं कि नहीं।
महिला : अभी मेरे पास पैसे नहीं हैं। विधायक : अब क्या करोगे दुनिया में अच्छा कोई नहीं बोलेगा। मेरे यहां भी तो दिक्कत है।
महिला : वो बोल रहे हैं कि सामान लेकर ऊपर आ जाइए। उन्हें भी तो देना पड़ेगा ना। मेरे पास कुछ नहीं है, इसलिए आपसे कह रही हूं सर। विधायक : अब तू कह रही है रिक्शा चलाएगा। धामनोद में इतना क्या है।
महिला : सर, धामनोद में नहीं, इंदौर में चलाना है। वहां रहना है। इंदौर को मैं अच्छे से जानती हूं। वहां पब्लिक बहुत है। विधायक : अरे, तुमको समझ नहीं आता, अब क्या कहें। भटक रहे हो, फिर भी तुम्हें समझ नहीं आ रहा। एक काम करो अब। जल्दी वहां से बैठो, महू से मालवा में बैठकर भोपाल आ जाओ, यहां बैठकर कुछ करते हैं। अपना सरकारी वो भी है। खाना बनाना। नहीं तो फिर रिक्शा दिला दूंगा। महिला : सर, घर वालों से बोलकर कुछ पैसे दिलवा दो।
विधायक : वो नहीं देंगे। मैंने बोला तो कहते हैं, बार-बार ऐसा ही करती है।
महिला : नहीं करूंगी सर, स्टाम्प पर लिखवा लिया है। आपके सामने करवा दो। विधायक : मैं स्थायी रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा हूं। तुम यहां आओ, बैठकर बात करते हैं।
महिला : मेरे पास रुपए नहीं हैं। अकाउंट तक नहीं है, जो था वो ब्लॉक हो गया है। विधायक : तू महू से मालवा एक्सप्रेस में बैठकर यहां आ जा। 100 रुपए लगेंगे भोपाल तक। लोकल चलती है। पूरी खाली रहती है, जगह मिल जाएगी।
महिला : सर, मैंने नहीं देखा है।
विधायक : दिल्ली-बॉम्बे, सबकुछ देखा बस यहां नहीं देखा, चल फिर अब फोन मत लगाना। महिला : करवा दीजिए सर, कोई ऑप्शन बता दीजिए। यहीं कुछ करवा दीजिए। आप यहां कब तक आएंगे।
विधायक : मेरा कोई भरोसा नहीं है। अभी 9 बजे हैं। 12 बजे गाड़ी चलती है।
महिला : यहीं करवा देते सर, बहुत परेशान हूं। तीन बच्चे हैं। कुछ गलत कदम उठा लूंगी, फिर क्या होगा। विधायक : तुम्हारी मर्जी फिर, कल इतना समझाया था। कोई रोकने को तैयार नहीं है, तो क्या करेंगे फिर। कितने मुश्किल से बोलकर रखा है।
महिला : आपकी बात सब मानते हैं। विधायक : मानते हैं, इसलिए तो रुके हो। जितना बोला- उतना सुन लो। यहीं दिला देंगे, चलाना गाड़ी। वहां रहोगे तो जमाने भर के लोग कुछ न कुछ कहेंगे।
महिला : भोपाल में कहां पर आना है। विधायक : तुम आ जाओ, मैं रेलवे स्टेशन लेने आ जाऊंगा। महिला : सर, तुम यहां से मुझे निकलवा दोगे, फिर मैं कहां जाऊंगी। मेरे पास रास्ता नहीं है। घरवाले नहीं मान रहे। एक महीने भटकाया। भूखा रखा। मारा।
विधायक : समझा रहा हूं तो समझ नहीं आ रहा। तेरी मदद अब नहीं करेगा। महिला : कहां पर आना है। मैं आ जाऊं फिर फोन नहीं उठाया तो। मेरे पास 100 रुपए ही हैं।
विधायक : मुझे दूसरों जैसा समझ लिया है क्या। रेलवे स्टेशन पर आकर मुझे कॉल कर देना। मानपुर से महू, महू से 100 रुपए देकर भोपाल आ जा। उन्हें मत बताना की भोपाल जा रही है, नहीं तो घर पर बोल देंगे। उसने बात करा 100-200 और दे देंगे। बात करो, दे देंगे 500 रुपए। महिला : जी सर। दूसरा ऑडियो- विधायक : निकल गए।
महिला : हां, बस निकल गए, सर। विधायक : कितनी देर हो गई, पेमेंट दे दिया।
महिला : नहीं, दिया अभी पेमेंट। कह रहे हैं, जब निकलोगे तो दे देंगे। विधायक : तो जल्दी निकल न। 9 ताे बज गए।
महिला : तीन- तीन बच्चे हैं ना सर, इसलिए लेट हो रहा है। विधायक : अरे, दो-चार और कर लेना था। 12 बजे गाड़ी वहां से निकल जाएगी, फिर बैठे रहना वहीं पर।
महिला : जी सर, बस निकल ही रहे हैं। विधायक : क्या है तेरा, समझ नहीं आ रहा कुछ। ट्रेन तुम्हारे लिए रुकेगी…है ना। जल्दी निकलो।
महिला : नहीं, सर बस निकल गए। तीसरा ऑडियो- विधायक : कहां किस जगह है।
महिला : मैं राऊ के आगे निकल गई हूं। विधायक : ओ.. गाड़ी (ट्रेन) तो तुम्हारी निकल जाएगी।
महिला : किससे आऊं फिर, बस से। विधायक : एक काम करो फिर, एमवाय उतार जाना, देखा है ना।
महिला : हां देखा है। विधायक : गीता भवन चौराहे के अंदर चार्टर्ड बस है, देखा है ना, उसी में टिकट ले लेना, जल्दी पहुंचा देगी, तीन से चार घंटे में। मैं, लेने आजाऊंगा। फटा-फट वहीं उतर जाना। देखा है ना।
महिला : वर्ल्ड कप चौराहे पर उतर जाना। वहां से तीन इमली आ जाऊंगी।
विधायक : चार्टर्ड बस जल्दी जा जाएगी। ट्रेन तो निकल जाएगी अब तुम्हारी। ऑटो वाला सामान भी वहां रखवा देगा। जल्दी आ जाना, ठीक है। मैं आ जाऊंगा यहां। चौथा ऑडियो- महिला : मैं, चार्टर्ड बस अड्डे पर आ गई हूं। अभी टिकट नहीं लिया, ले रही हूं।
विधायक : ठीक है, बैठकर बताओ, कितने बजे बस आएगी। पांचवां ऑडियो- महिला : हां बोलो- अभी तो बस आष्टा भी नहीं पहुंची है।
विधायक : क्यों, 4 बजे का बोला था ना। चार तो बजने में है। महिला : हां, 4 बजे का बोला था, अब क्या बोलूं।
विधायक : बस वाले से बात करवा तो। महिला : ठीक, है भैय्या बात करना।
बसकर्मी : हेलो..
विधायक : भैया, कितने बजे पहुंचेगी। बस कर्मी : कहां भोपाल? 5 बजे तक। वैसे, 5 बजे से पहले आ जाएंगे। विधायक : 4 बजे का बोला था।
बस कर्मी : 4 बजे तक कैसे पहुंच जाएगी। दो घंटे में पहुंचा देंगे क्या। साढ़े तीन घंटे से ज्यादा लगते हैं। 6वां ऑडियो- विधायक : हम यहां क्या बैठे रहेंगे, हमारा कोई काम थोड़े ही न है।
महिला : आपने ही तो कहा था। भोपाल आ जा, भोपाल आ जा। विधायक : इसलिए तो बोला था कि गाड़ी दिला देंगे, काम करेंगे अपन।
महिला : रात हो गई, इसलिए मैं वहां से निकल गई। आखिर हुआ क्या। विधायक : हां तो बढ़िया है। हमारे पास फोकट के पैसे नहीं हैं।
महिला : फोकट मतलब क्या। मैं तो काम के लिए आई थी। आप विधायक हो तो, विधायक से तो बात करना ही पड़ता है। विधायक : तो करो न बात। बात कर ली, जितनी मदद करनी थी कर ली। हम तो और मदद करने का सोच रहे थे, लेकिन तुम तो…।
महिला : कहां करी आपने मदद। विधायक : तो क्या दिया ये। दो हजार रुपए हो गए। फिर भी जस नहीं है। क्या मदद करें। कौन से तुम चुनाव में मदद करने आए थे।
महिला : 2 हजार रुपए इसलिए दिए थे कि मैं वहां पर आई थी। आपने ही तो कहा था कि भोपाल आ जा।
विधायक : भोपाल आकर एहसान कर दिया। 7वां ऑडियो- विधायक : कहां हो अभी।
महिला : भोपाल में हूं।
विधायक : तुम धामनोद में हो या भोपाल। लोकेशन बताओ, मैं आ रहा हूं।
महिला : क्यों क्या हुआ।
विधायक : पता तो बताओ। वॉट्सऐप कॉल करो। महिला : मुझे बात नहीं करना, क्योंकि आपने मेरी कोई मदद नहीं की। मेरे पास सपोर्ट नहीं था, इसलिए आपको कहा था।
विधायक : तेरे पिता जी से बात कर ली। मैं भोपाल आ रहा हूं। तुम पता बता दो, मैं वहां आ जाऊंगा। सबकुछ दिला दूंगा। तेरे पापा को भी बुला लिया है, बात कराऊं क्या। महिला : करवाओ। पहले आप पापा से बात करवा दो।
विधायक : लो, साहब बात करो। आ रहा वो, बुला रहा हूं। रोड के उस साइड है अभी वो। वॉट्सऐप पर पता बता दे। पहले तो वो कौन आदमी था, जिसने मुझे गाली दी।
महिला : सर, आप भी तो कैसी बात कर रहे थे। आपने भोपाल क्यों बुलाया था, ये बताइए ना। विधायक : रिकॉर्डिंग हो रही है। सुन ले। टीआई, एसपी सभी लाइन पर हैं। तूने शिवराज जी की धौंस दी थी ना, मैं वहीं बैठा हूं।
महिला : सर, आप तो विधायक हो ना। आपको तो सब पता है। आपको सबका सपोर्ट है।
विधायक : गाली देते हुए विधायक की मां का…… विधायक की…. विधायक को जेल भेज देना। विधायक अपने दम पर बना हूं। पहले तू बता भोपाल में कहां है। शिवराज जी समेत हम सब साथ में आ रहे हैं। महिला : पापा हैं ना मेरे। मेरी बात कराओ ना।
विधायक : तू ये बता धामनोद है या भोपाल।
महिला : भोपाल। विधायक : आधे घंटे में सब आ रहे हैं। शिवराज जी को भी लेकर आ रहा हूंं।
महिला : अच्छा।
विधायक : कौन है जिसने मुझे गाली दी। बात करा, उसका नंबर दे तू। महिला : वो इंदौर के हैं।
विधायक : तू नंबर दे ना। गाली दे रहा है ना। विधायक को ब्लैकमेल कर रही है तू।
महिला : मैं ब्लैकमेल कर रही हूं मैं। सर, आपने जो किया वो नहीं दिखा आपको। आपने आपने क्वार्टर पर बुलाया था। विधायक : अरे, मैंने तो सब किया। क्वार्टर पर तो… तू तो गद्दार है। सब रिकॉर्डिंग हो रही है।
महिला : आपने ही तो बुलाया था।
विधायक : मैंने नहीं बुलाया। तूने क्या कहा, मेरे किराए का पैसा देना है। महिला : नहीं, मैंने यह नहीं कहा था कि किराए का पैसा देना है। आपने कहा था, यहां आ जा करवा देंगे। आपकी सारी रिकॉर्डिंग मेरे पास रखी है।
विधायक : अरे तेरी रिकॉर्डिंग। मैंने पूरी जांच करवा ली। तेरी पूरी फाइल बन गई। सुन ले। मैं जेल भी जाऊंगा पर तेरे जैसा गद्दार नहीं हूं। (गाली देते हुए) सुन ले, मेरे पास दो-दो लुगाइयां हैं… महिला : क्या बोला। गाली दोगे।
विधायक : मेरे पास दो लुगाई हैं। मुझे लुगाई की जरूरत नहीं है। रुक जा तू।
महिला : पांचीलाल मेढ़ा के पास रिकॉर्डिंग पहुंचाती हूं।
विधायक : गाली देते हुए…। महिला : विधायक होकर गाली बक रहे हो। महिला को गाली दोगे।
विधायक : गाली देते हुए तेरी मां… रुक जा, रुक जा।
महिला : बहुत गाली बक रहे हो। भोपाल में विजय नगर आ जाओ। विधायक : रुक जा आ रहा हूं, तेरी फाइल बन गई है। कितने गिरोहों को तूने बेवकूफ बनाया।
महिला : मैंने किसे बेवकूफ बनाया। कोई मदद मांगने आएगा तो बुलाओगे क्या।
विधायक : (गाली देते हुए…) भीख मांग रही। दो हजार रुपए ले लिए। महिला : गाली बकना हमें भी आता है, लेकिन मेरे माता-पिता ने यह नहीं सिखाया।
विधायक : सुन ले तू किसके कहने पर चल रही है।
महिला : मीडिया को बता दूं। बता दें हमें क्या परेशानी। पुलिस, तुम्हें जिसे पहुंचाना है, पहुंचा दो। कोई मदद मांगने आए तो तुम उसकी इज्जत के साथ खेल लो। विधायक : तो मैंने तुझे पकड़ लिया था क्या।
महिला : वो तो मैंने देख लिया था, जिस तरीके से…
विधायक : तू हमें सिखा रही है। महिला : मैंने आपको कहा था सर, तुझे अनाथ आश्रम में रख दो या फिर मैं जहां रह रही थी, रात का समय था। कोई औरत को अपने हाउस पर नहीं बुलाता है।
विधायक : हां तो तू फिर चली गई थी ना। तू तो पैसे लूटने आई थी ना। दो हजार रुपए खा गई। महिला : पैसे लूटने नहीं, मदद मांगने आई थी।
विधायक : तेरा बाप कमा कर रख गया था क्या। मदद मांगने जो आई थी। रुक जा तू अब।
महिला : तुम्हें जो करना है करो। हम भी कम नहीं हैं। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 1. महिला बोली- भाजपा विधायक ने भोपाल बुलाया, खुद लेने आए थे
धरमपुरी से भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर पर लगे ब्लैकमेल मामले में नया मोड़ आ गया है। विधायक की शिकायत पर दर्ज FIR के बाद अब आरोपी बताई जा रही महिला ने वीडियो जारी कर सभी आरोपों को झूठा बताया है। पढ़ें पूरी खबर… 2. हनी ट्रैप की कोशिश: विधायक बोले- 2 करोड़ के लिए फंसा रहे थे
धरमपुरी से भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर ने एक दंपती पर हनी ट्रैप में फंसाने और ब्लैकमेल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। विधायक ने कहा कि उनसे 2 करोड़ रुपए मांगे गए। इनकार करने पर बदसलूकी की गई। पढ़ें पूरी खबर… 2. विधायक पर ब्लैकमेलिंग का आरोप, महिला-पति पर केस दर्ज
धार जिले में भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर ने एक महिला और उसके पति कासिफ अली पर ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली का आरोप लगाया है। विधायक का कहना है कि दोनों ने उनसे 2 करोड़ रुपए और एक गाड़ी की मांग की और झूठी एफआईआर व मेडिकल रिपोर्ट की धमकी दी। पढ़ें पूरी खबर…


