वागड़ की राजनीति के पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया आधिकारिक रूप से फिर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। शुक्रवार देर रात दिल्ली से कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को पत्र भेजकर उनकी वापसी को मंजूरी दी। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब राज्य में पंचायत चुनाव नजदीक है और वागड़ क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। कांग्रेस आलाकमान ने दी औपचारिक मंजूरी महेंद्रजीत सिंह मालवीया की कांग्रेस में वापसी के प्रस्ताव को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्वीकृति दी है। इसके बाद पार्टी संगठन की ओर से प्रदेश नेतृत्व को इसकी औपचारिक सूचना भेजी गई। इससे मालवीया की कांग्रेस में वापसी पर चल रही अटकलों पर विराम लग गया। जयपुर में प्रदेश नेताओं से हुई अहम मुलाकात पिछले रविवार को महेंद्रजीत सिंह मालवीया जयपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश स्तर के नेताओं से मुलाकात कर पार्टी में दोबारा शामिल होने की इच्छा जताई थी। इसके बाद पूरा मामला आलाकमान के समक्ष रखा गया, जहां से अंतिम निर्णय लिया गया। दो दिनों से जयपुर में मौजूद हैं मालवीया बताया जा रहा है आलाकमान से हरी झंडी मिलने के संकेत के बाद मालवीया पिछले दो दिनों से जयपुर में ही हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही उन्हें कांग्रेस पार्टी कार्यालय में औपचारिक रूप से सदस्यता दिलाकर जॉइनिंग करवाई जा सकती है। वापसी की चर्चाओं के बीच एसीबी की कार्रवाई कांग्रेस में वापसी की चर्चाओं के करीब 48 घंटे बाद ही एसीबी ने मालवीया के दो पेट्रोल पंप और उनके बेटे के क्रशर प्लांट पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के बाद मालवीया और उनकी पत्नी रेशम मालवीया, जो वर्तमान में जिला प्रमुख हैं, ने भाजपा सरकार के खिलाफ खुलकर अपनी बात रखी थी। भाजपा से दूरी के बाद कांग्रेस में वापसी एसीबी की कार्रवाई के बाद मालवीया ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए थे। इसके बाद उनके कांग्रेस में लौटने की संभावनाएं और मजबूत हो गई थीं। अब आलाकमान की मंजूरी के साथ उनकी वापसी औपचारिक हो गई है। पंचायत चुनाव से पहले बदले वागड़ के समीकरण आगामी पंचायत चुनाव से ठीक पहले महेंद्रजीत सिंह मालवीया का कांग्रेस में आना भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। वागड़ क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ रही है, ऐसे में इस बदलाव से क्षेत्रीय राजनीति के समीकरण प्रभावित होने की संभावना है। समर्थकों में सक्रियता, रणनीति पर नजर मालवीया की वापसी के बाद उनके समर्थकों में गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब सभी की नजरें कांग्रेस की पंचायत चुनाव को लेकर बनने वाली रणनीति और वागड़ क्षेत्र में नए राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हुई हैं।


