भांडेर से विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा- उनके (किसी अन्य धर्म के ग्रंथों में) ग्रंथों में लिखा है कि यदि अनुसूचित जाति समाज की महिलाओं के साथ कोई सहवास करता है, तो उसे काशी तीर्थ के बराबर पुण्य मिलता है। जब उनसे पूछा गया कि यह बात कहां लिखी है, तो उन्होंने ‘रुद्रयामल तंत्र’ नामक पुस्तक का जिक्र किया। यहीं नहीं, बरैया ने यह भी कहा कि रेप कोई अकेला व्यक्ति नहीं करता, बल्कि चार-पांच लोग मिलकर करते हैं। इसी सोच के कारण चार महीने और दस महीने की बच्चियों तक के साथ रेप हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आरोपियों के दिमाग में यह रहता है कि सहवास से उन्हें तीर्थ का फल मिलेगा, इसलिए एससी-एसटी-ओबीसी समाज की बच्चियां इसका शिकार हो रही हैं। यह उन्होंने एक मीडिया से इंटरव्यू में कहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मैं समझता हूं कि फूल सिंह बरैया ने जो कहा वो टिप्पणी उचित नहीं है।
भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि ने बरैया के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि महिलाओं और धर्मग्रंथों का गलत हवाला देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने चुनौती दी कि बरैया बताएं किस ग्रंथ या शास्त्र में ऐसा लिखा है। सुमित्रा ने बयान को शर्मनाक और निंदनीय बताया तथा सख्त कार्रवाई की मांग की। बरैया के विवादित बयान रेप करने वाला कोई भी हो अपराधी होता है
किसी रेप को किसी भी प्रकार से जस्टिफाई नहीं किया जा सकता है। रेप करने वाला कोई व्यक्ति हो वो अपराधी है। उसको जात और धर्म से नहीं जोड़ा जा सकता है।-जीतू पटवारी, प्रदेश अध्यक्ष, मप्र कांग्रेस विधायक जी, रेप कोई बहस नहीं, अपराध है… और अपराध पर तर्क गढ़ना भी हिंसा है। हम दुष्कर्मियों से लड़ भी लेंगे, पर ऐसे तर्क समाज को खोखला कर देंगे।


