छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का विदेशी कनेक्शन, निजी भवन बना चर्च:डिजिटल प्रेजेंटेशन के जरिए ग्रामीणों को लुभाते; हिरासत में डेविड चाको

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पुलिस ने एक बड़े धर्मांतरण नेटवर्क और अवैध आश्रम संचालन का खुलासा किया है। जिला मुख्यालय से मात्र 9 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत धर्मापुर में संचालित आश्रम पर नाबालिग बच्चों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक, यह आश्रम डेविड चाको संचालित कर रहा था। इसकी 200 घरों में धर्मांतरण की तैयारी थी। इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर बड़ी संख्या में चर्च खोलने की साजिश थी। कई डिजिटल डिवाइस मिले हैं, जिनकी बाजार में कीमत हजारों डॉलर में है। पुलिस डेविड चाको को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पहले भी विवादों में रहा डेविड चाको आरोपी डेविड चाको का पूर्व में भी विवादों से नाता रहा है। नेहरू नगर स्थित उसके निवास पर कुछ समय पहले धर्मांतरण और प्रार्थना सभाओं को लेकर हंगामा हुआ था। उस विवाद के बाद उसने अपनी गतिविधियों का केंद्र बदलकर धर्मापुर स्थित एक निजी भवन को बना लिया था। वह स्वयं को ‘पेंटाकोस्टल चर्च बिलासपुर’ का प्रतिनिधि बताकर इन गतिविधियों का संचालन कर रहा था। आश्रम में नाबालिग बच्चों को रखने की सूचना के बाद कार्रवाई 8 जनवरी 2026 को थाना लालबाग के अंतर्गत सुकुलदेहन चौकी में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप था कि धर्मापुर स्थित आश्रम में नाबालिग बच्चों को रखा जा रहा है और वहां बड़े पैमाने पर अवैध धर्मांतरण कराया जा रहा है। जिसके बाद एसपी अंकिता शर्मा के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में तुरंत कार्रवाई की गई। आरोपी डेविड चाको के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 एवं 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। छत्तीसगढ़ में फैला है नेटवर्क पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विवेचना में पता चला है कि यह केवल एक व्यक्ति की गतिविधि नहीं थी, बल्कि छत्तीसगढ़ के कई जिलों में फैला एक व्यापक और संगठित नेटवर्क था। शुरुआती जांच में राज्य भर के सैकड़ों व्यक्तियों की इस नेटवर्क में संलिप्तता के संकेत मिले हैं। पुलिस ने मौके से लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों में कई अहम प्रेजेंटेशन और डेटा मिले हैं, जिनका उपयोग धर्मांतरण के लिए किया जाता था। हजारों डॉलर के ‘सोलर प्रोजेक्टर’ पुलिस ने खास तौर पर सोलर-आधारित प्रोजेक्टर जब्त किए हैं। इन उपकरणों की कीमत हजारों डॉलर है। इनका उपयोग उन दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में किया जाता था जहां बिजली की सुविधा नहीं है, ताकि वहां भी प्रचार-प्रसार किया जा सके।​ राजनांदगांव पुलिस फंडिंग और वित्तीय स्रोतों की जांच​ कर रही है।

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