वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और मानवता की एक मिसाल शनिवार को मोहनगढ़ कस्बे में देखने को मिली। यहां एक खेत में काम कर रहे किसान और एक वन्यजीव प्रेमी की सजगता से कुत्तों के झुंड के हमले में घायल हुए एक हिरण को नया जीवन मिला है। किसान सुखराम ने स्नैक कैचर साहिल खान की मदद से घायल हिरन को रेस्क्यू किया और उसे इलाज के लिए वन विभाग को सौंपा। मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को मोहनगढ़ निवासी सुखराम विश्नोई अपने परिवार के साथ खेत में कृषि कार्यों में व्यस्त थे। इसी दौरान उन्हें अचानक झाड़ियों की ओर से किसी जानवर के कराहने और चीखने की आवाज सुनाई दी। जब सुखराम आवाज की दिशा में दौड़े, तो उन्होंने देखा कि आवारा कुत्तों के एक हिंसक झुंड ने एक हिरण को चारों तरफ से घेर रखा है। कुत्ते हिरण पर जानलेवा हमला कर रहे थे। गर्दन पर आए गहरे घाव सुखराम ने बिना देरी किए हिम्मत दिखाई और कुत्तों को मौके से खदेड़कर हिरण को उनके चंगुल से मुक्त कराया। हालांकि, तब तक कुत्तों ने हिरण को बुरी तरह लहूलुहान कर दिया था। हिरण की गर्दन पर दांतों के गहरे निशान थे और काफी खून बह रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुखराम ने तुरंत स्थानीय स्नेक कैचर और वन्यजीव प्रेमी साहिल को इसकी सूचना दी। वन विभाग को सौंपा गया घायल हिरण सूचना मिलते ही साहिल मौके पर पहुंचे और प्राथमिक उपचार के बाद वन विभाग की टीम को सूचित किया। वन विभाग के कर्मियों की मदद से घायल हिरण का रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के बाद हिरण को उपचार के लिए वन विभाग के रेस्क्यू सेंटर भिजवाया गया है, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज जारी है। ग्रामीणों ने सुखराम विश्नोई और साहिल की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।


