पाली में किसान केसरी बलदेवराम मिर्धा की 137वीं जयंती शनिवार को संत सुरजन दास के सान्निध्य में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। शहर के
कलेक्ट्रेट निवास के पास मिर्धा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि, विचार गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें शहर के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने मिर्धा की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक पाली भीमराज भाटी ने कहा कि बलदेवराम मिर्धा केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन किसानों के हक और न्याय की लड़ाई में समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि मिर्धा हमेशा किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे और उस दौर में शिक्षा की अलख जगाई, जब समाज में संसाधनों का अभाव था।
विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने किसान समाज के उत्थान के लिए मिर्धा द्वारा किए गए सुधारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार मिर्धा ने किसानों को संगठित कर उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया और आधुनिक राजस्थान के किसान आंदोलन की मजबूत नींव रखी।
समिति अध्यक्ष अमरा राम बेनीवाल ने कहा कि बच्चों को रिल्स बनाने की छूट नहीं देनी चाहिए। इससे उनका कॅरियर प्रभावित होता है। युवाओं को नशे से दूर रहने की सीख दी गई।
डीआईजी स्टाम्प भगीरथ चौधरी ने शिक्षा के क्षेत्र में जागृत होकर बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने पर जोर दिया।
एसीबी के अति पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र डूकिया ने कहा कि बलदेवराम मिर्धा ने समाज के साथ पूरे किसान वर्ग को शिक्षा के प्रति जागृत किया। उनके आदर्शों पर चलने को कहा।
महंत सुरजन दास के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में जिला परिषद सीईओ मुकेश चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में प्रवीण कोठारी, पुखराज पटेल, पीराराम पटेल, भंवर चौधरी, मांगूसिंह दूदावत, अभिषेक दुग्गड़, गोरधन देवासी, मोहन जाट, राजेंद्र जांगू, कालूराम कालीराना, मेहराम, ओमप्रकाश चौधरी सहित कई जने मौजूद रहे।


