हिमाचल में विक्रमादित्य के बयान पर बंटी कैबिनेट:रोहित ठाकुर ने PWD मिनिस्टर को ‘एफ़िशिएंट मंत्री’ बताया, कहा- CM उनके डाउट दूर करें

हिमाचल में सुक्खू कैबिनेट PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयान पर बंट गई है। यूपी-बिहार के अफसरों को शासक नहीं बनने के बयान पर विक्रमादित्य सिंह को आखिरकार एक मंत्री का साथ मिल गया है। एजुकेशन मिनिस्टर रोहित ठाकुर ने विक्रमादित्य सिंह को ‘एफ़िशिएंट मंत्री’ बताया। उन्होंने कहा- विक्रमादित्य जो मुद्दे उठाए हैं, उन पर सीएम को स्थिति साफ करनी चाहिए, उनके (विक्रमादित्य) डाउट क्लियर करने चाहिए। रोहित ठाकुर ने कहा- प्रदेश के निर्माण और विकास में IAS-IPS अधिकारियों का बहुत बड़ा योगदान रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकारात्मक सोच केवल ऑल इंडिया सर्विस से जुड़े अधिकारियों तक सीमित नहीं होती, बल्कि प्रदेश से संबंध रखने वाले लोगों में भी ऐसी सोच हो सकती है। रोहित ठाकुर से पहले राजस्व मंत्री जगत नेगी, पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, विक्रमादित्य सिंह के बयान पर जुबानी हमला बोल चुके हैं। वहीं सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंत्री-अफसर विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। दिल्ली में गुरुवार शाम मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा- मंत्री और अफसरों के बीच कोई विवाद नहीं है, कई बार ऐसी बातें होती है, लेकिन इन पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं। सीएम सुक्खू ने कहा- सभी अधिकारी अच्छी तरह से काम कर रहे हैं, उन्होंने अधिकारियों का बचाव किया है। वहीं, PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यूपी-बिहार के कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। इसके बाद, प्रदेश में सियासी घमासान छिड़ गया है। मंत्री एक दूसरे पर जुबानी हमला बोल रहे हैं और IAS-IPS अधिकारी भी मंत्री विरोध में उतर आए हैं। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध और विक्रमादित्य सिंह ने तो एक दूसरे पर तीखे जुबानी हमले किए। इससे कांग्रेस सरकार की फूट खुलकर सामने आई है। कैबिनेट मीटिंग में करेंगे चर्चा: नेगी राजस्व मंत्री जगत नेगी ने कहा- जिन पर कायदे-कानून बनाने का दायित्व है, उन्हें इस तरह के आक्षेप नहीं लगाने चाहिए। उन्होंने IPS एसोसिएशन की उस स्टेटमेंट को भी गलत बताया, जिसमें IPS ने मंत्री विक्रमादित्य के साथ ड्यूटी नहीं देने की बात कही है। जगत नेगी ने कहा- 19 जनवरी को कैबिनेट मीटिंग बुलाई गई है। इसमें इस मसले पर चर्चा की जाएगी। 5 पाइंट में पढ़े पूरा विवाद कैसे शुरू हुआ

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