7 साल की बच्ची से रेप के मामले में गुजरात की राजकोट कोर्ट ने मध्य प्रदेश के युवक को फांसी की सजा सुनाई है। रेप के बाद युवक ने बच्ची के प्राइवेट पार्ट में 5 इंच लंबी रॉड डाल दी थी। वारदात बीते साल 4 दिसंबर को हुई। पुलिस ने शक के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया और 4 दिनों में 8 दिसंबर को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। 12 जनवरी 2026 को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। इसके बाद राजकोट की विशेष अदालत को 15 जनवरी को सजा सुनानी थी, लेकिन तारीख बदलकर 17 जनवरी कर दी गई। आज शनिवार को विशेष अदालत के न्यायाधीश वीए. राणा साहब ने आरोपी रामसिंह तेरसिंह दुडवा (उम्र 30) के खिलाफ अंतिम फैसला देते हुए मौत की सजा सुनाई। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम 4 दिसंबर को बच्ची के साथ रेप हुआ था 4 दिसंबर 2025 को दोपहर 12 बजे राजकोट जिले के अटकोट के पास कानपार गांव में पीड़िता अपने भाई-बहनों के साथ खेल रही थी। आरोपी रामसिंह तेरसिंह मोटरसाइकिल पर आया और पीड़िता को उठाकर एक पेड़ के पास ले गया। बच्ची के गुप्तांगों में 5 इंच की लोहे की छड़ डालकर उसके साथ बलात्कार किया। बच्ची की चीखें सुनकर बगल के कमरे में मौजूद उसकी चाची दौड़कर आई, जबकि आरोपी रामसिंह मौके से फरार हो गया। बच्ची की गंभीर हालत और ज्यादा खून बहता देख चाची ने तुरंत बच्ची के पिता को बुलाया और उसे एम्बुलेंस से कानपार गांव के सरकारी अस्पताल ले गईं। बड़ी मुश्किल से बची बच्ची की जान बच्ची की हालत बेहद गंभीर होने के कारण, उसे उचित इलाज के लिए जसदान सरकारी अस्पताल ले जाया गया और वहां से रात 9 बजे उसे इलाज के लिए राजकोट जनाना अस्पताल में भेज दिया गया। इस दौरान, ज्यादा खून बहने के कारण लड़की का ऑपरेशन किया जा सकता है या नहीं, इसके लिए रेडियोलॉजिस्ट और एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की राय ली गई। डॉक्टर्स ने बड़ी मशक्कत से बच्ची की जान बचाई। इसी दौरान, लड़की के पिता ने पुलिस को घटना की सूचना दी, लेकिन चूंकि किसी ने भी आरोपी को नहीं देखा था, इसलिए प्रारंभिक जांच की गई। 8 दिसंबर को पुलिस ने शक के आधार पर रामसिंह को गिरफ्तार किया 8 दिसंबर 2025 को आरोपी रामसिंह को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया और पुलिस हिरासत के दौरान ही कानपार गांव में एक पेड़ के नीचे से खून से सनी एक लोहे की छड़ बरामद की। इसके अलावा, जांच के लिए एक FSL अधिकारी को घटनास्थल पर बुलाया गया। वहां से आरोपी के सिर के कुछ बाल बरामद किए गए। इन सभी वस्तुओं को जांच के लिए भेजा गया और DNA टेस्ट से पता चला कि मौके से मिले बाल आरोपी के ही थे। साथ ही, लोहे की छड़ पर लगा खून भी लड़की का ही था। आरोपी के खिलाफ 11 दिनों में चार्जशीट दाखिल की गई जांच के दौरान आरोपी का मोबाइल फोन जब्त किया गया। सीडीआर से पता चला कि वारदात के दौरान आरोपी कानपार गांव के इलाके में मौजूद था। जांच अधिकारी ने मात्र 11 दिनों में पूरी पुलिस जांच निपटाकर आरोपपत्र दाखिल कर दिया। इसी दौरान, लड़की के पिता ने अदालत को एक विस्तृत पत्र लिखकर अनुरोध किया कि उनकी बेटी को इस हालत में पहुंचाने वाले आरोपी को कड़ी सजा दी जाए। ———– इसे भी पढ़िए… दो घंटे तक रेपिस्ट से लड़ती रही NEET छात्रा:प्राइवेट पार्ट पर गहरी चोट, दरिंदों ने चेस्ट पर नोचा-पीठ नीली पड़ गई, पढ़िए पूरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पटना में NEET की छात्रा से रेप और मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। रेप के दौरान छात्रा से काफी जोर जबरदस्ती की गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार करीब डेढ़ से दो घंटे तक छात्रा दरिंदगी करने वाले से लड़ी। उसके शरीर पर चोट के निशान कुछ यही कहानी बयां कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें।


