दक्षिण अफ्रिका के जिराफ और गिर के बब्बर शेर अलवर लाए जाएंगे। यही नहीं 7 नस्ल के टाइगर भी होंगे। इसके अलावा अनेक वन्यजीव अलवर में कटी घाटी के पास देखे जाएंगे। अगले 1 साल में सरकार शहर के निकट कटी घाटी में NCR का सबसे बड़ा बायोलॉजिकल पार्क बनाने में लगी है। जिसके लिए सेंटर गर्वमेंट की अप्रूवल भी मिल चुकी है। अब जल्दी टेंडर के बाद काम शुरू हो जाएगा। यह बात शनिवार काे राजस्थान सरकार में वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने अरावली की पहाड़ी के ऊपर कार्यकर्ताओं के बीच में कही। मंत्री रोजाना एक पेड़ मां के नाम लगाते हैं। इस अभियान को दो साल पूरे होने पर कटी घाटी पर नगर वन पहुंचे। इसी पहाड़ी पर कुछ दिन पहले कांग्रेस के नेता अरावली बचाने की मांग करते हुए चढ़े थे। उसके बाद अब वन मंत्री भी उसी पहाड़ी पर पहुंचे तो मंत्री ने कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने एक पौधा नहीं लगाया और यहां कार्यकर्ताओं के साथ आकर सैकड़ों पौधों को तोड़कर चले गए। राज्य व केंद्र सरकार अरावली बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने में लगी है। मुझे 5 साल में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। पहले साल में 7 करोड़ दूसरे साल में 11 करोड़ से अधिक पौधे सबके सहयोग से लगाए हैं। उनके संरक्षण पर भी पूरा ध्यान हैं। डबल इंजन की सरकार में आने वाले साल में भी बड़े विकास के कार्य होंगे। मंत्री ने कहा – प्रेम रत्नाकर बांध में नियम के अनुसार मिलेंगे पट्टे अलवर शहर में कटी घाटी के बगल में बहुत पुराना प्रेम रत्नाकर बांध है। जिसमें 30 साल से अवैध निर्माण जारी है। यहां सैकड़ों मकान बन चुके हैं। बांध के घने भराव क्षेत्र में निर्माण नहीं हुआ है। मंत्री से प्रेम रत्नाकर बांध में अवैध निर्माण पर सवाल किया तो जवाब मिला कि यहां कोर्ट के आदेश आए हुए हैं। उसके अनुसार ही पट्टे मिलेंगे। अभी संभवतया पट्टे नहीं मिले हैं। लेकिन हमने जल संरक्षण के लिए आसपास कई बड़े एनिकट बनाए हैं। सरकार लगातार जल संरक्षण पर ध्यान दे रही है। ताकि अलवर शहर के पानी के संकट को दूर किया जा सके। राज माता की तरह लगी नगर वन में टाइगर की प्रतिमा सरिस्का में राजमाता की तरह नगर वन में टाइगर की प्रतिमा लगी है। जो आकर्षक है। जिसे देखने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे। आने वाले सब सेल्फी लेते हुए दिखे। टहला में आवंटित भूमि की जांच होगी वन मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के राज में टहला में जमीनों की बंदरबांट की। बाद में धांधली पकड़ी गई तो कलेक्टर को हटा दिया था। जिससे कांग्रेस की मंशा का पता चलता है। अब यदि आवंटन खारिज करने के बाद जमीनों पर कब्जे होने लगे हैं तो उसकी जांच कराएंगे।


