डूंगरपुर जिले में राष्ट्रीय पशुपालक संघ ने मंगला पशु बीमा योजना का लाभ ऊंट पालकों को नहीं मिलने का आरोप लगाया है। संघ ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। राष्ट्रीय पशुपालक संघ के उपाध्यक्ष भंवरलाल रबारी ने बताया कि राजस्थान सरकार ने वर्ष 2025-26 में ऊंटों का बीमा प्रस्तावित किया था। हालांकि, डूंगरपुर के पशुपालन विभाग द्वारा अभी तक बीमा नहीं किया गया है, जिससे जिले के ऊंट पालक परेशान हैं। रबारी के अनुसार मुख्य समस्या ऊंटों की भ्रमणशील प्रकृति है। ऊंट पालक अपने भरण-पोषण के लिए एक जिले से दूसरे जिले और यहां तक कि अन्य राज्यों की सीमाओं में भी जाते हैं। विभाग के अधिकारी बीमा करने के लिए पशुपालकों को उनके स्थायी खूंटे पर आने को कहते हैं, जबकि ऊंट एक स्थान पर रहने वाला पशु नहीं है। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 3000 ऊंट पशुधन है, जिन्हें वर्तमान में इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। रबारी ने यह भी जानकारी दी कि इस समय ऊंटों में बीमारियां फैल रही हैं और कई ऊंटों की मौत भी हो चुकी है। राष्ट्रीय पशुपालक संघ ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि जिस जिले की सीमा में ऊंट मौजूद हों, वहीं पर ‘टेक’ लगाकर उनका बीमा किया जाए ताकि उन्हें जल्द से जल्द योजना का लाभ मिल सके।


