रामगढ़ पुलिस ने साइबर ठगी और हत्या के एक बड़े मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। 27 वर्षीय संतु कुमार, जो बिहार के नालंदा का रहने वाला है। इस पर बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में करोड़ों रुपए की साइबर धोखाधड़ी और एक हत्या का आरोप है। साइबर ठगी का ‘बादशाह’ माना जाता था रामगढ़ एसपी अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने छापेमारी कर संतु कुमार को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, संतु कुमार को बिहार-झारखंड में साइबर ठगी का ‘बादशाह’ माना जाता था। उसकी गिरफ्तारी को एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। संतु कुमार के आपराधिक इतिहास में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। उसने राजकोट के कौशिक कौड़ियां से 7 लाख रुपए, महाराष्ट्र के महेश भाई से 5 लाख रुपए, गुजरात के संभा जी से 8 लाख रुपए, अहमदाबाद के दीपक कुमार से 8 लाख रुपए, बेंगलुरु के महेंद्र चौधरी से 7 लाख रुपए, आशीष पटेल से 5 लाख रुपए, महक चौबटिया से 5 लाख रुपए, जितेंद्र कुमार से 5 लाख रुपए और सोमनाथ पटेल से 4 लाख रुपए की ठगी की थी। इसके अलावा, उसने ऋतु कास्टिंग के मालिक का अपहरण कर 10 लाख रुपए की ठगी भी की थी। हत्या कर शव नालंदा में फेंक दिया था साइबर ठगी के अलावा, संतु कुमार महाराष्ट्र के रतनदीप कास्टिंग के मालिक लक्ष्मण शिंदे की हत्या का भी आरोपी है। उसने कारोबार का झांसा देकर शिंदे को पटना बुलाया, उनसे 8 लाख रुपए ठगे और जब उन्होंने बैंक पासवर्ड बताने से इनकार किया तो उनकी हत्या कर दी। शव को नालंदा में फेंक दिया गया था। इस हत्याकांड के अन्य सभी अपराधी पहले ही पकड़े जा चुके थे, लेकिन संतु पटना छोड़कर रामगढ़ आ गया था और कुछ समय शांत रहने के बाद फिर से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया था। गिरफ्तारी के दौरान, पुलिस ने संतु कुमार के पास से तीन आईफोन बरामद किए, जिनमें फर्जी सिम लगे हुए थे। इसके साथ ही, 4 लाख 43 हजार रुपए नकद और एक काले रंग की रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी संतु कुमार का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पटना और देवघर में भी मामले दर्ज हैं।


