शिवपुरी कांग्रेस में जिलाध्यक्ष नियुक्ति पर खुली बगावत:नरवर दौरे में हंगामा; विरोध की आशंका पर 20 कार्यकर्ता हिरासत में

शिवपुरी में मोहित अग्रवाल की नवनियुक्ति के बाद कांग्रेस के अंदर चल रहा विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। करैरा के बाद अब नरवर में भी जिलाध्यक्ष के दौरे के दौरान कांग्रेस दो गुटों में बंटी नजर आई। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए नरवर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए करीब 15-20 कांग्रेसियों को हिरासत में लेकर थाने में बैठाए रखा। जानकारी के मुताबिक शनिवार को जिलाध्यक्ष मोहित अग्रवाल का नरवर दौरा तय था। वे नरवर थाने के सामने स्थित ग्राउंड में आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट में शिरकत करने पहुंचने वाले थे। इससे पहले ही कांग्रेस के दो धड़े सक्रिय हो गए। एक पक्ष जहां जिलाध्यक्ष के स्वागत की तैयारियों में जुटा था, वहीं दूसरा पक्ष उनके विरोध की रणनीति बना रहा था। बताया गया है कि जिलाध्यक्ष का विरोध करने वाला गुट पार वाली माता मंदिर के पास एकत्रित होने लगा। जैसे ही भीड़ बढ़ी, माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए नरवर पुलिस सतर्क हो गई। थाना प्रभारी विनय यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और एहतियातन 15 से 20 कांग्रेसियों को पुलिस वाहनों में बैठाकर थाने ले जाया गया। जिलाध्यक्ष के नरवर में रहने तक इन सभी को थाने में ही बैठाए रखा गया, ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।
बिना रायशुमारी नया संगठन बनाने का आरोप
पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कल्लू राम कुशवाह ने जिलाध्यक्ष मोहित अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्ष द्वारा जो नया संगठन बनाया गया है, वह बिना रायशुमारी के तैयार किया गया है। आरोप है कि मूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर भाजपा से जुड़े या भाजपा पृष्ठभूमि वाले लोगों को ब्लॉक कांग्रेस में पद दे दिए गए हैं। कुशवाह ने कांग्रेस आलाकमान से मांग की है कि जिलाध्यक्ष मोहित अग्रवाल को पद से हटाया जाए और पुनः रायशुमारी कर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति करते हुए मूल कांग्रेसियों को संगठन में उचित स्थान दिया जाए। सोशल मीडिया पर भी बढ़ा विवाद
जिलाध्यक्ष के नरवर दौरे से एक दिन पहले ही दोनों गुटों की ओर से सोशल मीडिया पर तीखी पोस्ट सामने आने लगी थीं। विरोधी गुट ने मोहित अग्रवाल के आगमन पर पुतला दहन और काले झंडे दिखाने की बात सार्वजनिक रूप से कही थी। वहीं जिलाध्यक्ष के समर्थकों की ओर से भी जवाबी पोस्ट जारी हुईं। एक पोस्ट में यहां तक लिखा गया कि यदि किसी ने विरोध या आपत्तिजनक हरकत की तो उसे मौके पर ही प्रसाद दे दिया जाएगा, यह करैरा नहीं, नरवर है। फिलहाल पुलिस की सतर्कता से नरवर में कोई बड़ा टकराव नहीं हुआ, लेकिन कांग्रेस के अंदर चल रहा यह अंतर्विरोध अब खुलकर सामने आ गया है। करैरा के बाद नरवर में हुआ घटनाक्रम यह संकेत दे रहा है कि जिलाध्यक्ष मोहित अग्रवाल की नियुक्ति को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष अभी खत्म नहीं हुआ है।

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