सिवनी जिला जेल से तीन विचाराधीन कैदियों के फरार होने के मामले में जेल प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर जेल प्रहरी आशीष पंद्रे को निलंबित कर दिया गया है। फरार हुए तीनों कैदियों को वापस जेल लाने के बाद अलग-अलग बैरकों में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह घटना बुधवार देर शाम की है, जब लखनवाड़ा थाना क्षेत्र के पीपरडाही निवासी विजय लज्जेवार, अंकित श्रीवास और महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के सालेकसा निवासी विशाल वारसागदे जेल की करीब 20 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गए थे। तीनों कैदी ज्यादती के मामलों में विचाराधीन थे। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। बाद में, परिजनों पर दबाव बनाने के बाद अंकित के जीजा खिम्मन सेन तीनों कैदियों को बाइक से अगले दिन सुबह जिला जेल वापस छोड़ गए थे। घटना के आज चौथे दिन शनिवार को भी जिला जेल में जांच-पड़ताल जारी रही। जेल विभाग के विशेष महानिदेशक जी. अखेंतो सेमा ने जिला जेल का निरीक्षण किया और सुरक्षा में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने जेल परिसर की नालियों में लोहे की मजबूत जालियां लगाने, ऊंची बाहरी दीवारों से सटी दूसरी दीवारों की ऊंचाई कम करने, अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने और लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, सेंट्रल जेल नरसिंहपुर के अधीक्षक भी सिवनी जिला जेल पहुंचकर पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि फरारी के समय ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की क्या भूमिका रही और किन स्तरों पर सुरक्षा में चूक हुई। जेल अधीक्षक अजय सिंह वर्मा ने बताया कि स्पेशल डीजी जेल और प्रभारी डीआईजी द्वारा जेल का निरीक्षण किया गया है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, जिनका शीघ्र पालन किया जाएगा। इस घटना ने जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कह रहा है।


