पद्मश्री सूर्यदेव सिंह बारैठ को 46वां साहित्यकार सम्मान:भावनगर में 21 फरवरी को मुरारी बापू करेंगे सम्मानित

किशनगढ़बास के पूर्व प्रधान और अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कवि-साहित्यकार पद्मश्री सूर्यदेव सिंह बारैठ को एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। उन्हें 21 फरवरी को गुजरात के भावनगर में आयोजित साहित्यकार सम्मान समारोह में प्रसिद्ध कथावाचक मुरारी बापू द्वारा 46वें साहित्यकार सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। पद्मश्री बारैठ ने बताया-यह सम्मान महात्मा गांधी के आजादी के आंदोलन के सहयोगी और गुजरात की महान विभूति दूल्हाभाई की स्मृति में दिया जाता है। दूल्हाभाई न केवल स्वतंत्रता संग्राम के सक्रिय सेनानी थे, बल्कि एक महाकवि और श्रेष्ठ साहित्यकार भी थे। उनकी स्मृति में हर वर्ष किसी विशिष्ट साहित्यकार को यह सम्मान प्रदान किया जाता है। इसी कड़ी में साहित्यकार सम्मान समिति ने इस वर्ष पद्मश्री सूर्यदेव सिंह बारैठ का चयन किया है। अब तक 45 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान
समारोह में पद्मश्री बारैठ को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, शॉल और 51 हजार रुपए की सम्मान राशि भेंट की जाएगी। बता दें कि 90 वर्षीय बारैठ को अब तक 45 राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं और यह उनका 46वां सम्मान होगा। पद्मश्री बारैठ को अलवर जिला स्तर पर अलवर गौरव, प्रांतीय स्तर पर राजस्थानी रत्न तथा वर्ष 1971 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। वे सैकड़ों लेख लिख चुके हैं, जो विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं और राजस्थान पत्रिका के लेखक भी रह चुके हैं। उन्होंने अब तक 250 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलनों में सहभागिता की है। उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान भी रही है। साउथ अफ्रीका में मानव धर्म सम्मेलन में उन्होंने लगातार तीन सप्ताह तक उद्बोधन दिया, वहीं पाकिस्तान गए 76 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के प्रवक्ता भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में आठ वर्षों तक सरकार के नॉमिनी, पल्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लखनऊ के निदेशक, सीड कॉर्पोरेशन व सीड सर्टिफाइड एजेंसी के निदेशक तथा ऑल इंडिया रेडियो कमेटी के सदस्य भी रहे हैं। सामाजिक-सहकारिता के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। वे अलवर भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष, सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक, राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक और राजस्थान भूमि विकास बैंक के डायरेक्टर रह चुके हैं। साथ ही वे 15 वर्षों तक पंचायत समिति किशनगढ़ बास के प्रधान रहे, जबकि उनकी पत्नी भी इसी पद पर सेवाएं दे चुकी हैं।इन सभी साहित्यिक, सामाजिक और प्रशासनिक उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए साहित्यकार सम्मान समिति ने पद्मश्री सूर्यदेव सिंह बारैठ का चयन किया है। उनके सम्मान के लिए चयन होने पर क्षेत्र के साहित्यकारों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी

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