छत्तीसगढ़ के धमतरी में सहायक शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने स्कूल बंद कर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान ‘मोदी की गारंटी’ पूरी करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। दरअसल, प्रदेशभर के साथ धमतरी जिले के सहायक शिक्षकों ने गांधी मैदान में एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। ज्ञापन में मुख्य रूप से चार सूत्रीय मांगें रखी गई हैं। इनमें वेतन विसंगति दूर करना, क्रमोन्नत वेतनमान लागू करना, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना और ऑनलाइन उपस्थिति के नियम में बदलाव शामिल हैं। शिक्षकों ने सरकार से इन मांगों का जल्द निराकरण करने की अपील की। चुनावी वादे पूरे न होने से आंदोलन को मजबूर शिक्षक सहायक शिक्षक फेडरेशन के जिला अध्यक्ष दौलत ध्रुव ने बताया कि यह एक दिवसीय धरना प्रदर्शन उनकी चार सूत्रीय मांगों को लेकर किया जा रहा है। वर्तमान सरकार ने चुनाव के समय अपने घोषणा पत्र में 100 दिन के भीतर सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने और समस्त शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान देने का वादा किया था। सरकार को दो साल बीत चुके हैं, लेकिन मांगों के प्रति कोई गंभीरता नहीं दिख रही है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा है। धमतरी जिले में लगभग 3,500 सहायक शिक्षक और शिक्षक इस हड़ताल में शामिल हैं। सरकार नहीं चेती तो आंदोलन होगा और उग्र सहायक शिक्षक फेडरेशन के ब्लॉक अध्यक्ष तेज लाल साहू ने आगे की रणनीति बताते हुए कहा कि यदि सरकार तुरंत संज्ञान नहीं लेती है, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने ‘कृष का गाना सुनेगा’ डायलॉग के उपयोग पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य अपनी चार सूत्रीय मांगों से सरकार और सभी आला अधिकारियों को अवगत कराना था।


