केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना में किए जा रहे बदलावों तथा इंदौर शहर में दूषित पेयजल से हुई मौतों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी, मंदसौर ने जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेन्द्र सिंह गुर्जर ने कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति से दर्जनों निर्दोष नागरिकों की मौत और सैकड़ों लोगों के बीमार होने की घटना भाजपा सरकार और प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है। कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवारों को पूर्ण न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करती है। पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि मन्दसौर शहर सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन प्रदेश सरकार इस जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रही है। कांग्रेस का आरोप है कि मन्दसौर शहर में भी दूषित पानी मिलने की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। वर्तमान में प्रदेशभर में दूषित पेयजल से जुड़ी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। मनरेगा योजना को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह योजना महात्मा गांधी जी की ग्राम स्वराज की विचारधारा पर आधारित एक ऐतिहासिक योजना है, जो गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी देती है। योजना का नाम बदलने और काम के अधिकार को कमजोर करने जैसे प्रयास करोड़ों जरूरतमंदों के अधिकारों पर सीधा हमला है और यह महात्मा गांधी जी की विरासत को मिटाने की साजिश है। कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी नीति के खिलाफ गांधीवादी तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगी। इस दौरान विधायक विपिन जैन, पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटिल, प्रकाश रातड़िया, मनजीत सिंह टुटेजा, पुष्पा भारती, परशुराम सिसोदिया, राजेश सिंह रघुवंशी, अजहर हयात मेव, हनीफ शेख, अजगर मेव, माजिद चौधरी, अनिल शर्मा, सम्यक जैन, मजीद पठान, बबलू मेव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर जनहित की इस लड़ाई को मजबूती से लड़ने का संकल्प लिया।


