स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने ट्रेन में सर्च ऑपरेशन चलाकर एक वांटेड बदमाश को अरेस्ट किया है। सीनियर टीचर की जॉब पाने के लिए आरोपी ने एग्जाम देने के लिए डमी कैंडिडेट बैठाया था। एग्जाम पास करवाकर गवर्नमेंट जॉब लगाने के एवज में डमी कैंडिडेट से 7 लाख रुपए में डील तय की थी। एसओजी की ओर से गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर की ओर से सीनियर टीचर कॉम्पिटिशन एग्जाम-2022 का आयोजन 24 दिसम्बर-2024 को हुआ था। 23 दिसम्बर की रात को उदयपुर में बेकरिया पुलिस थाने के बाहर नाकाबंदी में पुलिस ने बस पकड़ी थी। बस में 37 कैंडिडेट, 4 डमी कैंडिडेट और पेपर लीक गैंग के 4 मेंबर अरेस्ट किए गए थे। पेपर लीक के संगठित गिरोह की ओर से रुपए लेकर सीनियर टीचर कॉम्पिटिशन एग्जाम का पेपर लीक करवाकर हल करवाया गया था। डमी कैंडिडेट को किया था अरेस्ट
एसओजी की ओर से डमी कैंडिडेट गणपत लाल विश्नोई निवासी सांचौर जालोर को अरेस्ट किया गया था। पूछताछ में आरोपी डमी कैंडिडेट गणपत लाल से सामने आया कि वह सुरेश विश्नोई निवासी सांचौर जालोर की जगह डमी कैंडिडेट बनकर एग्जाम देता। आरोपी सुरेश विश्नोई का उदयपुर के राजकीय गर्ल्स सीनियर सैकण्डरी स्कूल में उसका एग्जाम सेंटर आया था। आरोपी सुरेश ने अपनी जगह डमी कैंडिडेट गणपत लाल को एग्जाम देने भेजा था। एग्जाम पास करवाने को लेकर डमी कैंडिडेट गणपत से 7 लाख रुपए में डील हुई थी। एसओजी ने ट्रेन में चलाया सर्च ऑपरेशन
जिसके बाद से ही फरार चल रहा था। गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। एसओजी की हेल्प लाइन पर शुक्रवार को मुखबिर के जरिए सूचना दी गई। वांटेड आरोपी सुरेश कुमार विश्नोई आबू रोड रेलवे स्टेशन से एक ट्रेन में सफर कर रहा है। एसओजी ने सूचना पर सुरेश कुमार विश्नोई की फोटो के आधार पर पहचान के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। विभिन्न कोच में तलाशते हुए जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचते ही एसओजी टीम ने धर-दबोचा। इस मामले में अब तक कुल 69 आरोपियों को अरेस्ट किया जा चुका है।


