कटनी में सरकारी मेडिकल कॉलेज के स्थान पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर कॉलेज शुरू करने के सरकार के निर्णय से शहर में भारी आक्रोश है। शनिवार को इस फैसले के विरोध में समाजवादी पार्टी, विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें निजी हाथों में सौंपा गया कोई प्रोजेक्ट नहीं बल्कि सरकारी मेडिकल कॉलेज चाहिए। काले झंडे लेकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी प्रदर्शन की शुरुआत कटनी स्टेशन स्थित दिलबहार चौक से हुई, जहाँ बड़ी संख्या में लोग काले झंडे लेकर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने कटनी की जनता से पूर्णतः सरकारी मेडिकल कॉलेज का वादा किया था, लेकिन अब पीपीपी मॉडल थोपकर वादाखिलाफी कर रही है। ‘पीपीपी मॉडल वापस लो’ के लगाए नारे हाथों में तख्तियां और काले झंडे लिए प्रदर्शनकारियों का हुजूम शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। रैली स्टेशन चौराहा से सुभाष चौक और फिर कचहरी चौराहा होते हुए अस्पताल चौराहे पर समाप्त हुई। पूरे रास्ते ‘मेडिकल कॉलेज हमारा हक है’ और ‘पीपीपी मॉडल वापस लो’ जैसे नारे लगाए गए। 20 जनवरी को कटनी बंद का किया आह्वान आंदोलन के दौरान, सामाजिक संगठनों और सपा कार्यकर्ताओं ने 20 जनवरी को कटनी बंद का आह्वान किया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला, तो आंदोलन और उग्र होगा। उन्होंने कहा कि ‘जरूरत पड़ने पर हम मिशन मोड में सड़कों पर उतरेंगे, लेकिन कटनी की जमीन पर सरकारी मेडिकल कॉलेज ही बनेगा’।


