भिंड जिले की अटेर विधानसभा के परा गांव में शनिवार को विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन में समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिकों, शिक्षाविदों, युवाओं और मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर सामाजिक एकता, संगठन और राष्ट्रभक्ति के संकल्प को दोहराया। सम्मेलन के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक शिवांशु ने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और संगठित चेतना में निहित है। युवाओं को संस्कार, शिक्षा और सेवा के माध्यम से समाज निर्माण में भूमिका निभाना चाहिए। उन्होंने ‘एक हों, संगठित हों और राष्ट्रहित में अग्रसर हों’ का संदेश देते हुए कहा कि एकता का अर्थ भेदभाव से मुक्त समाज, संगठन का तात्पर्य अनुशासन व सामूहिक शक्ति और राष्ट्रहित में अग्रसर होने का आशय निस्वार्थ भाव से देश के विकास में योगदान देना है। मुख्य वक्ता ने छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप तथा गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों के त्याग और बलिदान का उल्लेख करते हुए राष्ट्रभाव और वीरता का संदेश दिया। सम्मेलन में मातृशक्ति डॉ. उमा शर्मा ने भारतीय संस्कृति में निहित पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने गंगा को मैया, चंद्रमा को मामा और तुलसी को माता मानने की परंपरा का उल्लेख करते हुए बच्चों में संस्कारों के बीजारोपण में माताओं की भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम में संत गंगादास महाराज, ब्रह्म स्वरूप बघेल, सुरेश चकवा एवं अक्षय सिंह भदौरिया मंचासीन रहे। सम्मेलन का उद्देश्य समाज को संगठित कर राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका के लिए प्रेरित करना रहा।


