मध्यप्रदेश पुलिस के एक कॉन्स्टेबल को दहेज प्रताड़ना के मामले में न्यायालय ने दो वर्ष की सजा सुनाई है। आरोपी ने शादी में 25 लाख रुपए दहेज लेने के बावजूद कार की मांग को लेकर पत्नी को प्रताड़ित किया। जांच में यह भी सामने आया कि उसके एक अन्य महिला से संबंध थे और उससे एक बच्ची भी है। आरोप साबित होने पर पुलिस विभाग पहले ही उसे नौकरी से बर्खास्त कर चुका था। मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने गुरुवार को फैसला सुनाया, जिसकी जानकारी शनिवार को सामने आई। शासन की ओर से एडीपीओ सपना गुप्ता ने पैरवी की। वारंट तामीली के दौरान हुआ प्रेम
साल 2021 में मूल रूप से शिवपुरी जिले का रहने वाला आरक्षक अमित रघुवंशी गुना जिले के मधुसूदनगढ़ थाने में पदस्थ था। वह नोटिस-वारंट की तामीली के लिए एक गांव में जाया करता था, जहां उसकी पहचान गांव की ही एक युवती से हुई। दोनों के बीच प्रेम संबंध बने। लिव-इन के दौरान बेटी का जन्म
29 सितंबर 2021 को युवती ने एक बेटी को जन्म दिया। डिलीवरी भोपाल के एक निजी अस्पताल में कराई गई। अस्पताल और अन्य दस्तावेजों में बच्ची के पिता के रूप में अमित रघुवंशी का नाम दर्ज है। लाड़ली लक्ष्मी योजना के दस्तावेजों में भी पिता के कॉलम में अमित का ही नाम दर्ज पाया गया। लिव-इन छिपाकर दूसरी युवती से शादी
बेटी के जन्म के 3-4 महीने बाद, 2022 की शुरुआत में अमित रघुवंशी का रिश्ता गुना की एक युवती से तय हुआ। सरकारी नौकरी में होने के कारण युवती के पिता शादी के लिए राजी हो गए।18 फरवरी 2022 को गुना के एक निजी होटल में दोनों की शादी हुई। शादी में लड़की के पिता ने घरेलू सामान, नकदी सहित करीब 25 लाख रुपए दहेज दिया। कार नहीं मिलने पर शुरू हुई प्रताड़ना
शादी के बाद कुछ समय तक सब ठीक चला, लेकिन बाद में आरक्षक ने कार की मांग को लेकर पत्नी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। वह मारपीट करता था। करीब एक साल तक प्रताड़ना झेलने के बाद महिला मायके चली गई। मार्च 2023 में दर्ज हुई शिकायत
5 मार्च 2023 को महिला ने कैंट थाने में पति के खिलाफ दहेज मांगने और मारपीट कर घर से निकालने की शिकायत की। पुलिस ने दहेज प्रताड़ना की धाराओं में मामला दर्ज किया। दूसरी महिला और बच्ची की जानकारी लगी
इसी दौरान महिला को पति के पहले के संबंधों की जानकारी मिली। पूछताछ पर अमित ने पहले इनकार किया, लेकिन जांच में सामने आया कि दूसरी महिला से उसकी एक बेटी है और सभी दस्तावेजों में पिता के रूप में अमित का नाम दर्ज है। दो साल पहले एसपी से की शिकायत
महिला ने 16 मार्च 2023 को पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की। जांच एडीओपी गुना द्वारा कराई गई। जांच में पत्नी, ससुर, महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक और लिव-इन में रहने वाली महिला के बयान दर्ज किए गए। पत्नी का आरोप— खुद को अविवाहित बताकर की शादी
पत्नी ने बयान में कहा कि अमित ने खुद को अविवाहित बताकर शादी की। दूसरी महिला से बच्ची होने की जानकारी छिपाई और शादी के बाद उसे प्रताड़ित किया। ससुर ने भी कहा कि झूठ बोलकर रिश्ता किया गया, जिससे उनकी बेटी की जिंदगी बर्बाद हो गई। आरक्षक की सफाई— पानी मांगने से शुरू हुई दोस्ती
आरक्षक अमित रघुवंशी ने अपने बचाव में कहा कि वह काम के कारण घर नहीं जा पाता था। गांव में एक महिला के घर पानी मांगने से उसकी बेटी से दोस्ती हो गई। उसने दावा किया कि दस्तावेजों में उसका नाम कैसे दर्ज हुआ, इसकी उसे जानकारी नहीं है। विभागीय जांच में दोषी, नौकरी से बर्खास्त
एसडीओपी की जांच में आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट में कहा गया कि आरक्षक ने एक महिला से संबंध रखते हुए दूसरी से शादी की और यह सेवा नियमों का उल्लंघन है। इसके बाद अगस्त 2024 में एसपी ने उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया। कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा
कैंट पुलिस द्वारा चालान पेश किए जाने के बाद न्यायालय ने साक्ष्यों को प्रमाणित मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। न्यायालय ने दो वर्ष का सश्रम कारावास और 2 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।


