भास्कर न्यूज | जालंधर मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी में शनिवार को भक्तों की ओर से श्री शनि देव महाराज का हवन श्रद्धापूर्वक किया। सर्व प्रथम ब्राह्मणों द्वारा मुख्य यजमान अमरेंद्र कुमार शर्मा से विधिवत वैदिक रीति अनुसार पूजनकरवाया। धाम के संस्थापक नवजीत भारद्वाज ने बताया कि मनुष्य का मन अत्यंत विचित्र होता है। दूसरों के सुख को देखकर दुखी होना ही ईर्ष्या है। ईर्ष्या एक अनावश्यक मानसिक विकार है, जिसका त्याग संभव है। यह भावना तब उत्पन्न होती है जब व्यक्ति स्वयं को किसी क्षेत्र में आगे बढ़ाने में असमर्थ पाता है। ईर्ष्या एक छिपी हुई वृत्ति है, जिसे धारण करने वाला व्यक्ति स्वयं भी स्वीकार नहीं कर पाता। उन्होंने कहा कि ईर्ष्या का परिणाम प्राय: निष्फल ही होता है, क्योंकि जिन बातों से हम ईर्ष्या करते हैं, उन पर हमारा कोई वश नहीं होता। जब हम अपनी स्थिति बदलने में समर्थ नहीं हैं, तो दूसरों की स्थिति को कैसे बदल सकते हैं। इस मौके पर श्वे ता भारद्वाज, सरोज बाला, समीर कपूर, कमलजीत, अजीत कुमार, रोहित भाटिया, बावा जोशी, राकेश शर्मा, सुमीत, मनीष शर्मा, संजीव शर्मा, बलविंदर, रोहित भाटिया, मुकेश, अमनदीप शर्मा, प्रिंस कुमार मौजूद रहे।


