मौसी के घर आई चार साल की बच्ची टैंक में गिरी, मौत राजधानी में लापरवाही की दो घटनाएं परिजन को बड़ा दर्द दे गईं। पहली घटना रायपुर के मोवा इलाके की है, जहां एक मां की गोद सूनी हो गई। वहां महासमुंद जिले के पटेवा निवासी रिया महिलांग (5 वर्ष) अपनी मौसी की गोदभराई कार्यक्रम के लिए अपने पिता एलन और मां धनेश्वरी महिलांग के साथ रायपुर आई थी। शनिवार दोपहर करीब एक बजे रिया टॉयलेट गई थी। इसी दौरान उसकी नानी कुछ देर के लिए बाहर पानी लेने चली गई। टॉयलेट से निकलकर बच्ची पास के उस बाथरूम में चली गई, जहां सेप्टिक टैंक खाली करने के लिए चार दिन पहले करीब डेढ़ फीट चौड़ा छेद किया गया था। इस छेद को बोरी से ढंककर छोड़ दिया गया था और बाथरुम में दरवाजा भी नहीं था। बच्ची का पैर बोरी पर पड़ा और वह सेप्टिक टैंक में गिर गई। बच्ची की चीख सुनकर परिजन और आसपास के लोग पहुंचे। एक बार वापस आ जा बेटी, एक नजर देख लूं तुझे…
रिया के पिता राजिम की एक दुकान में काम करते हैं। रिया का एक छोटा भाई भी है, जो अभी दो साल का ही है। भास्कर की टीम घटना स्थल पर पहुंची तो रिया की मां बेसुध घर के बरामदे में थी। रिया की नानी उससे लिपटकर रो रही थी। इस दौरान रिया की मां धनेश्वरी एक ही वाक्य बार-बार दोहरा रही थी, एक बार वापस आजा बेटी, एक नजर तुझे देख लूं…। 4 दिन पहले दो गड्ढे किए, बिना ढंके ही छोड़ दिए गए जिस घर में यह घटना हुई, वहां 9 कमरे हैं। सभी कमरे में किराए से परिवार रहते हैं। कुछ दिन से टॉयलेट जाम हो गया था। किराएदारों के कहने पर मकान मालिक जीवनलाल कुर्रे ने 4 दिन पहले ही टैंक को खाली कराने बाथरुम में एक छेद करवाया था। कुर्रे ने बताया कि टैंक भर गया था, किराएदार उसे खाली कराने कह रहे थे। 4 दिन पहले ही निगम की गाड़ी बुलवाकर मैंने उसे खाली कराया था। इसके लिए बाथरूम में एक छेद किया गया था। काम होने के बाद उसे एक बोरे और ईंट से ढंका गया था। लेकिन बच्ची कैसे गिर गई यह समझ से परे है। रूम हीटर से आग लगी, दम घुटने के चलते बुजुर्ग की मौत टाटीबंध इलाके में शनिवार सुबह करीब 9 बजे कमरे को गर्म करने के लिए चलाए गए इलेक्ट्रॉनिक हीटर से मकान में भीषण आग लग गई। आग पूरे मकान में फैल गई। घटना में कमरे में सो रहा बुजुर्ग जिंदा जल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मकान बाहर से बंद था। ताला तोड़कर लोग अंदर गए और आग बुझाने का प्रयास किया। करीब डेढ़ घंटे में आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने बताया कि टाटीबंध में जितेंद्र गुप्ता (35) उरला के एक रोलिंग मिल में काम करता है। उसके साथ 70 वर्षीय पिता राजकुमार गुप्ता, पत्नी सोनम गुप्ता और दो बच्चे (3 और 6 साल) रहते थे। जितेंद्र की पत्नी शुक्रवार रात 10 बजे देवी दर्शन के लिए मध्य प्रदेश के मैहर गई थीं। घर पर जितेंद्र और उसके बुजुर्ग पिता ही थे। जितेंद्र शनिवार सुबह 7 बजे पिता को नाश्ता कराकर और दवाइयां देकर ड्यूटी पर चला गया। उसने बाहर से गेट पर ताला लगा दिया था। पिता को ठंड न लगे, इसलिए कमरे में हीटर चालू कर दिया था। सुबह करीब 9 बजे मकान के भीतर से धुआं उठने लगा और आग भड़क गई। आसपास के लोगों ने तत्काल जितेंद्र को फोन किया गया। करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची, तब जाकर आग पर काबू पाया गया। इसके बाद राजकुमार को बाहर निकाला गया। पुलिस का दावा है कि बुजुर्ग की मौत दम घुटने से हुई है। आग की लपटें बिस्तर तक पहुंच गई थीं, जिससे बुजुर्ग करीब 65 फीसदी झुलस गए थे। मकान के भीतर रखा फ्रिज, टीवी, अलमारी, कपड़े समेत पूरा सामान जल गया। भास्कर एक्सपर्ट – नवदीप खरे, असिस्टेंट प्रोफेसर रूम हीटर से 3 फीट दूर रखें कपडे़, ये सावधानियां बरतें


