सीमांत क्षेत्र बज्जू में कृषि प्रयोजनार्थ भूमि आवंटन में भारी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। राज्य सरकार की ओर से गठित कमेटी ने कुल 342 पत्रावलियों की जांच की थी, जिनमें 237 मामलों में करीब 7500 बीघा भूमि के आवंटन में गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। कमेटी ने सभी आवंटन खारिज होने योग्य माने हैं। इसके लिए तत्कालीन एसडीएम और एक कर्मचारी को चार्जशीट देने तैयारी की जा रही है। बज्जू में वर्ष 2021 से 2023 के बीच हुए कृषि भूमि के आवंटन में भारी गड़बड़ियां हुई। इनमें कोलायत में कपिल सरोवर के कैचमेंट एरिया और सीओ ऑफिस की जमीन भी गलत तरीके से आवंटित करने के मामले शामिल हैं। कांग्रेस के शासन में हुई इन गड़बड़ियों की शिकायत होने पर राज्य सरकार ने 28 मार्च 2025 को एडीएम सिटी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई। कमेटी में उपनिवेशन विभाग के अतिरिक्त आयुक्त सतर्कता, कोषाधिकारी और जिला राजस्व लेखाकार को शामिल किया गया था। जांच के दाैरान पता चला कुल 392 मामलों में भूमि आवंटन की कार्यवाही की गई थी, लेकिन 50 प्रकरण कमेटी को मिले ही नहीं, जिन्हें गायब करने की आशंका है। 34 प्रकरण कोर्ट में पेंडिंग थे। बाकी 342 प्रकरणों की जांच में 16 प्रकार की अनियमितताएं उजागर हुई हैं। सबसे बड़ा मामला बज्जू मे उरमूल को आवंटित भूमि का आवंटन किसी और को करने का है। इन मामलों में तत्कालीन एसडीएम हरी सिंह शेखावत और वरिष्ठ सहायक कन्हैयालाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की सिफारिश राजस्व विभाग से की गई है। बताया जा रहा है कि इन गड़बड़ियों के पीछे रसूख वाले प्रभावशाली लोग और खनन माफिया की भूमिका होने के कारण काफी समय तक मामले दबे रहे। ऐसे लोगों ने दूसरों के नाम से जमीनें हथियाई थीं। गौरतलब है कि इससे पहले 69 प्रकरणों में अनियमितताएं उजागर होने पर एसडीएम को 16सीसीए की चार्जशीट मिल चुकी है। जानिए… भूमि आवंटन में किस तरह हुई अनियमितताएं महाजन फायरिंग रेंज के विस्थापितों को कोलायत के कैचमेंट एरिया में दे दी जमीनें महाजन फायरिंग रेंज के विस्थापितों को कोलायत के कैचमेंट एरिया में दे दी जमीनें : उपनिवेशन विभाग की ओर से आवंटित की गई जमीनों में भी गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। ऐसे करीब 28 मामले सामने आए हैं, जिनमें महाजन फायरिंग रेंज के विस्थापितों को कपिल सरोवर के कैचमेंट एरिया और जिप्सम खनन क्षेत्र में जमीनों का आवंटन कर दिया गया। हालांकि ऐसे ज्यादातर मामले पूर्व में खारिज हो चुके हैं। इंदो का बाला, मढ़ और गोलरी गांव में भूमि आवंटन के चार मामलों में रिव्यू चल रहा है। सीओ ऑफिस की जमीन का गलत आवंटन
उपनिवेशन विभाग के तत्कालीन अफसरों ने कोलायत सीओ ऑफिस को आवंटित जमीन को भी नहीं छोड़ा। इंदो का बाला में खसरा नंबर 177 की 0.18 हेक्टेयर भूमि 2015 में सीओ ऑफिस के लिए आवंटित की गई थी। पुलिस विभाग को कब्जा भी दे दिया गया। इसी भूमि को वापस 2020 में लादूराम पुत्र रावता नायक को अलॉट कर दिया गया। जब मौके का वास्तविक निरीक्षण किया गया तो पता चला की जमीन की तरमीम ही नहीं की गई थी। इसका रिकॉर्ड अब तक दुरुस्त नहीं हो पाया है। किस श्रेणी के कितने मामलों भूमि का आवंटन
24 भूतपूर्व सैनिक
36 भूमि नियमन
102 कृषि भूमि का अस्थाई आवंटन
10 अस्थाई कृषि पट्टा धारकों के बालिगों को आवंटित
126 भूमिहीन श्रेणी के
44 कमी पूर्ति के रूप में टीसी आवंटन “कोलायत और बज्जू के भूमि आवंटन के मामलों की जांच पूरी कर रिपोर्ट राजस्व विभाग को भेज दी गई है। जो पत्रावलियां नहीं मिलीं उन्हें भी जांच का हिस्सा माना है। जिला कलेक्टर ने 22(3) में आवंटन खारिज करने के प्रस्ताव पेश करने के आदेश तहसीलदार को दिए हैं।”
-रमेश देव, एडीएम सिटी


