ग्वालियर विकास प्राधिकरण को आवंटित जमीन पर कॉलोनी काटने के मामले में त्रिलोक चंद किरार को न्यायालय ने दोषी ठहराया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट निशांत मिश्रा ने मप्र नगर पालिका अधिनियम की धारा 1956 की धारा 292 (ग) में दोषी मानते हुए तीन साल के कठोर कारावास की सजा दी और दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया। एडीपीओ अजय शर्मा ने कोर्ट को बताया – नगर निगम के तत्कालीन भवन अधिकारी ने 26 जनवरी 2014 को पुलिस थाना बहोड़ापुर में एक आवेदन दिया। इसमें आरोप लगाया कि विनय नगर सेक्टर नंबर-2 स्थित जमीन पर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है। जबकि ये जमीन ग्वालियर विकास प्राधिकरण को एक स्कीम के लिए दी गई है। भवन अधिकारी की शिकायत पर जांच की गई, जिसके बाद 3 जून 2014 को पुलिस थाना बहोड़ापुर ने त्रिलोक चंद किरार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। 16 जुलाई 2015 को 58 वर्षीय त्रिलोक चंद किरार के खिलाफ चालान पेश किया गया। 10 साल से अधिक समय तक ट्रायल चलने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए 3 साल की सजा दी।


