भास्कर न्यूज| अजमेर जयपुर के एसएमएस अस्पताल के बाद अब अजमेर का जेएलएन मेडिकल कॉलेज भी क्यू मैनेजमेंट सिस्टम अपनाने जा रहा है है। अगले माह फरवरी से सिस्टम लागू होते ही जेएलएन, सैटेलाइट और जनाना अस्पताल तीनों में मरीजों को पर्ची, जांच, दवा या डॉक्टर को दिखाने के लिए कतारों में खड़े होने से छुटकारा मिलेगा। टोकन आधारित व्यवस्था से मरीजों की बारी स्क्रीन पर दिखाई देगी और भीड़भाड़ वाली ओपीडी में इलाज की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज और व्यवस्थित हो जाएगी। क्यू मैनेजमेंट सिस्टम प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए ओपीडी, आईपीडी, पर्ची काउंटर, दवा काउंटर व एरिया का निरीक्षण करने के लिए जेएलएन अस्पताल पहुंचे। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. अनिल सामरिया , एडिशनल प्रिंसिपल, अधीक्षक सहित सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, कार्डियोलॉजी, ईएनटी व अन्य यूनिटों के एचओडी के साथ उन्होंने इसे लेकर चर्चा की। इस दौरान प्रजेंटेशन भी दिखाया। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार की ओर से अस्पताल को करीब 50 लाख रुपए मिलेंगे। ओपीडी में इलाज प्रक्रिया पहले से व्यवस्थित होगी पर्ची काउंटर से मरीज की पर्ची कटते ही सभी यूनिटों के चिकित्सकों के पास टैबलेट पर मरीज का नाम व टोकन नंबर पहुंच जाएगा। मरीज को देखने के बाद भर्ती, दवा या रैफर किया तो एक नंबर कॉलम पर क्लिक करना होगा। कोई मरीज पर्ची लेने के बाद चिकित्सक को दिखाने नहीं आया तो मरीज को स्किप वाले कॉलम में डाला जाएगा। तीसरे कॉलम में कोई मरीज गलती से दूसरी यूनिट में दिखाने आ गया तो उसे री-डायरेक्ट किया जाएगा। डॉ. सामरिया ने बताया कि जयपुर के बाद अजमेर में क्यू मैनेजमेंट सिस्टम शुरू होने जा रहा है। कंपनी प्रतिनिधियों से चर्चा हुई है। मरीजों को इस योजना से सीधा लाभ मिलेगा। वेटिंग एरिया बनेंगे, डिस्प्ले पर दिखेगा टोकन नंबर -तीनों अस्पतालों में वेटिंग एरिया बनेगा। जहां मरीज इंतजार करेंगे। फाइबर की विशेष कुर्सियां लगेंगी। वेटिंग एरिया एयरकूल्ड होगा। यही टोकन मशीन लगेगी जहां एक कार्मिक रहेगा जो नंबर से बुलाकर टोकन देगा। टोकन नंबर का डिस्प्ले टीवी स्क्रीन पर होगा। नंबर एक से 10 की सीरीज में चलेंगे। एक ही लाइन में पांच से दस पर्ची काउंटर होंगे। वहीं से मरीज को पर्ची मिलेगी। इसके अलावा दिव्यांगजन के लिए अलग से टोकन की व्यवस्था रहेगी।


